
जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में विधायक उमेश पटेल ने बलौदाबाजार में हुई हिंसा,कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी और रायगढ़ जिला के पुसौर क्षेत्र में एक आदिवासी महिला के साथ हुए सामूहिक बलात्कार जैसे गंभीर मुद्दों को उठाते हुए भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
रायगढ़। खरसिया विधायक उमेश पटेल ने आज रायगढ़ कांग्रेस कार्यालय प्रेसवार्ता में छत्तीसगढ़ की साय सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पुलिस का उपयोग राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में कर रही है।
उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए हानिकारक है और इससे राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ने का खतरा है।

विधायक पटेल ने साय सरकार अपनी नाकामी और बदनामी को छुपाने के लिए कांग्रेस नेताओं पर दुर्भावनावश कार्यवाही कर रही है,जबकि बलवा करने वाले असल अपराधियों को छोड़ा गया है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने कार्यकर्ताओं को बचाने के लिए पुलिस पर दबाव डाल रही है,जिससे कार्यवाही न्यायसंगत नहीं हो रही। विधायक पटेल ने बलौदा बाजार हिंसा की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने साय सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने और पुलिस प्रशासन को पंगु बनाकर कार्यकर्ता की तरह उपयोग करने का गंभीर आरोप लगाया है।
विधायक उमेश पटेल ने कहा, पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि किसी राजनीतिक दल के हितों की पूर्ति करना। साय सरकार को इस तरह के दुरुपयोग को तुरंत रोकना चाहिए। उन्होंने सरकार से पुलिस बल को निष्पक्ष और पेशेवर रूप से कार्य करने देने की बातों पर बल देते हुए कहें ताकि जनता का विश्वास बना रहे।
गैंगरेप के विरोध में कांग्रेस का मौन जुलूस…

प्रेसवार्ता के बाद कांग्रेस ने विधायक उमेश पटेल के नेतृत्व में राज्य में लचर कानून व्यवस्था और पुसौर सामूहिक दुष्कर्म के विरोध में जिला कांग्रेस कार्यालय से गांधी प्रतिमा तक काली पट्टी लगाकर मौन रैली निकाली। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में ‘महिलाओं पर बढ़ रहा अत्याचार,सो रही भाजपा सरकार’ जैसे नारों वाले बैनर थामे थे। मौन जुलुस में आईं कई बच्चियां हाथों में बैनर थामें आक्रोशित नजर आईं।
प्रेसवार्ता के दौरान विधायक पटेल ने राज्य में बढ़ते अपराध और पुलिस की निष्पक्षता पर भी चिंता व्यक्त किए। उन्होंने आगाह करते हुए कहे अगर सरकार ने समय रहते इस मुद्दे को नहीं सुलझाया,तो इसका गंभीर परिणाम समाज में पड़ सकता है।




