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मधुमेह रोगियों ने हिम्मत और सतर्कता से दी कोरोना को शिकस्त

मधुमेह रोगियों ने हिम्मत और सतर्कता से दी कोरोना को शिकस्त
अभी कोरोना जहां बच्चे, बुजुर्ग, जवान सभी को अपनी चपेट में ले रहा है। बुजुर्गों और कोमॉर्बिड लोगों के लिए यह ज्यादा घातक साबित हुआ है। कोमॉर्बिड ऐसे लोगों को कहा जाता है जिन्हें कोई अन्य गंभीर बीमारी, बीपी या शुगर हो। इन बीमारियों की वजह से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती और संक्रमण के तेजी से हावी होने की संभावना होती है। लेकिन अगर हिम्मत और जज्बे के साथ सतर्कता और सावधानी का मेल हो तो कोरोना से भी जीत है। दो शुगर पेशेंट ने यह बखूबी साबित कर दिखाया है। उन्होंने कोरोना की दवाइयों के साथ सकारात्मकता की औषधि से न सिर्फ कोरोना को सफलतापूर्वक हराया बल्कि दूसरों के लिए एक मिसाल पेश की है कि यदि हम सावधानी, सतर्कता और संयम रखें तो गंभीर बीमारी होने पर भी कोरोना से जीत सकते हैं। इन कोरोना फाइटर्स में एक नर्स हैं तो एक शिक्षक हैं। दोनों ने होम आइसोलेशन में रहते हुए अपना इलाज कराया और कोरोना से स्वस्थ हुए।

नर्स अंजना भगत कहती है कि आत्मविश्वास और पॉजिटिविटी सबसे बड़ी औषधि है। मैं लोगों की सेवा के दौरान संक्रमित हुई, तो मैंने हिम्मत नही हारी। शुगर पेशेंट होने की वजह से इस बात से भी वाकिफ थी कि मुझे अपना विशेष ध्यान रखना होगा। मेरे दिमाग में ये बात थी कि नियमित शुगर लेवल चेक करने, शुगर कंट्रोल की दवाइयां नियम व समय पर खाते रहने, योग एक्सरसाइज करने, डाइट पर ध्यान और हाइजीन का विशेष ख्याल रखने से सब कुछ सामान्य व बेहतर ही होगा। प्रोटोकॉल का पालन करते आइसोलेट हुई व अपनी सोच को हमेशा पॉजिटिव रखा कि मुझे शुगर हुआ तो क्या हुआ, मैं जरूर ठीक होउंगी और अपनी इसी सकारात्मक सोच से मेरी रिकवरी जल्दी होती गई और मै शुगर पेशेंट होने के बावजूद कोरोना को मात देकर स्वस्थ हुई। आज मैं पूर्णत: स्वस्थ हुं। कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही लोग एकदम डर जाते हैं। आस-पास जैसा माहौल है उससे ये डर होना स्वाभाविक है। लेकिन हमें यह बात भी ध्यान में रखनी चाहिए कि इस डर और टेंशन की वजह से अपनी सेहत और खराब करते हैं। इस समय डरने के बजाय खुद को सकारात्मक रखना बेहद जरूरी है। कोरोना से रिकवरी में अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें। ऑक्सीजन लेवल चेक करते रहें। किसी भी प्रकार के परामर्श व सलाह के लिए प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर्स अपने पास रखें। होम आइसोलेशन के सारे नियमों का पालन करें। सकारात्मक सोच के साथ उसका मुकाबला करें, तो जल्दी स्वस्थ होंगे।

सुशील कुमार गुप्ता कहते है कि मैं एक प्रधान पाठक हुं। अपनी नियमित सेवा के दौरान अनजाने में मैं ऐसे लोगों के संपर्क में आ गया जो कोरोना संक्रमित थे। जिनके सम्पर्क में था उनको पॉजिटिव होने की खबर सुनते ही मैने अपना तुरंत टेस्ट कराया। अपने आरटीपीसीआर टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव होने के साथ मैं शुगर पेशेंट हूँ। मधुमेह का रोगी होने की वजह से मैं इस तथ्य से भलीभांति परिचित था कि, जो लोग उम्र दराज हैं, जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर व डायबिटीज होता है उन्हें कोरोना संक्रमण की वजह से गंभीर बीमार पड़ जाने का खतरा ज्यादा रहता है। एक शुगर पेशेंट होने के बावजूद मैंने हिम्मत कभी नहीं हारी। मैं इस बात को लेकर बेहद सतर्क रहा कि मेरा ब्लड शुगर नियंत्रित रहे। हेल्थ एडवाइजरी में डायबिटीज के मरीजों को संक्रमण से बचने के लिए जो भी बातें बताई गई थी मैंने उनका पालन किया। मैं लगातार ग्लूकोमीटर और स्ट्रिप से अपने शुगर लेवल को दिन में तीन से चार बार चेक करता था। सतर्क था कि एक शुगर पेशेंट होने के नाते मुझे और भी कई प्रकार के संक्रमण जल्दी और तीव्र भी हो सकते हैं। मैं नियमित समय से शुगर कंट्रोल की दवाइयां लेता रहा। उसी के अनुरूप डाइट का भी ध्यान रखा। मैंने अपने आहार में खट्टे फल, सब्जियों और विटामिन सी वाले फलों को शामिल किया। साथ ही मैं हाइजीन का विशेष रूप से ध्यान रखता था। घर में भी लगातार बार-बार हाथ धोता था, सेनेटाइज करता रहता था। मैंने एक्सरसाइज की, जिससे मेरा ब्लड शुगर नियंत्रित रहा। सुबह का नाश्ता भरपूर करता था। शुगर पेशेंट होने के बावजूद मैं पैनिक नही हुआ। लगातार सकारात्मक रहा। इससे मेरी रिकवरी बहुत ही जल्दी हुई। मैं लगातार अपना ऑक्सीजन लेवल और शुगर लेवल चेक करता, प्रिसक्राइब्ड दवाइयां खाता रहा और बिना पैनिक हुए अपने धैर्य और सकारात्मक सोच की वजह से पूर्णतया स्वस्थ हो गया। आज अपना और अपनों का ख्याल रखने की और भी जरूरत है। जिस तरह से लोग पैनिक हो रहे हैं। यही सबसे बड़ी समस्या है।

जिन परिवारों में कोरोना पहुंचा है,वहां की सबसे बड़ी समस्या है बेवजह का भय। शुगर हो या बीपी हमें इस बात का ख्याल रखना है कि ऐसे वक्त में सकारात्मक सोच बहुत ही कारगर है। अच्छा पढि़ए, अच्छा सुनिए और अच्छा देखिए।

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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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