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खुशबू सुंदर ने छोड़ी कांग्रेस, बड़े नेताओं पर लगाए आरोप: आज की बड़ी ख़बरें

अभिनेत्री और राजनेता खुशबू सुंदर ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है.

उनके इस्तीफ़े से पहले कांग्रेस ने भी उन्हें पार्टी प्रवक्ता के पद से मुक्त किए जाने की घोषणा की थी.

पार्टी के संचार मामलों के प्रभारी प्रणव झा ने एक बयान में कहा कि खुशबू सुंदर को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति की प्रवक्ता के पद से तत्काल प्रभाव से मुक्त किया जाता है.

वहीं खुशबू ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को संबोधित करते हुए अपने पत्र में लिखा है कि वो 2014 में ऐसे समय पार्टी में शामिल हुई थीं जब वो 2014 में लोक सभा चुनावों में हार के बाद अपने सबसे बुरी हालत में थी.

ये कहते हुए कि वो पार्टी में पैसे, नाम या शोहरत के लिए नहीं आई थीं, उन्होंने लिखा है,”पार्टी में वरिष्ठ पदों पर बैठे कुछ लोग, जिनका ज़मीनी असलियत से कोई संपर्क नहीं या जिनकी जनता के बीच कोई पहचान नहीं, वो अपना हुकुम चला रहे हैं और मेरे जैसे लोग जो पार्टी में पूरी निष्ठा के साथ काम करना चाहते हैं, उन्हें दरकिनार किया जा रहा है”.

खुशबू वो ख़ुद को हमेशा से इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी का प्रशंसक बताती रही थीं और ये भी कहा था कि वे अपनी राजनीतिक पारी कांग्रेस से शुरु करना चाहेंगीं. उन्होंने अपने परिवार को भी कांग्रेसी बताया था.

मगर 2010 में राजनीति में जुड़ने के बाद उनकी पहली पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) थी.

हाथरस मामला: हाई कोर्ट में बयान देगा मृतक युवती का परिवार

उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित युवती के साथ हुए कथित बलात्कार मामले में आज इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के सामने सुनवाई की जाएगी.

पुलिस की सुरक्षा के बीच सुनवाई के लिए मृतक युवती का परिवार सोमवार सुबह ही लखनऊ के लिए निकल पड़ा. अदालत ने हाथरस के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारियों को भी उपस्थित होने के लिए कहा है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक एसडीएम अंजलि गंगवार ने बताया, ”मैं उनके साथ जा रही हूं. सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं. मेरे साथ जिला न्यायाधीश और पुलिस अधीक्षक भी जा रहे हैं.”

हाथरस मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को प्राथमिकी दर्ज कर ली है.

इसकी जांच सीबीआई की गाज़ियाबाद इकाई की विशेष टीम करेगी. इसमें इंडियन पीनल कोड की धारा 376 (डी) (सामूहिक बलात्कार), धारा 307 (हत्या की कोशिश), और धारा 302 (हत्या) समेत एससी/एसटी क़ानून की धारा 3(2)(पांच) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

वहीं द हिंदू अख़बार में छपी एक ख़बर के अनुसार मामले की जांच हाथों में लेने और प्राथमिकी की प्रति सीबीआई की वेबसाइट पर डाले जाने के कुछ घटों बाद इसे वहां से हटा लिया गया.

अख़बार के अनुसार सीबीआई की भ्रष्टाचार रोधी ब्रांच ने इस मामले में “बलात्कार, हत्या की कोशिश, सामूहिक बलात्कार और हत्या” आरोपों की ज़िक्र किया था.

अख़बार कहता है कि पहले एफ़आईआर और प्रेस रिलीज़ दोनों ही एजेंसी की वेबसाइट पर थे लेकिन बाद में एफ़आईआर को हटा लिया गया.

इसके बाद दोपहर को एक ताज़ा बयान जारी कर सीबीआई ने कहा कि एजेंसी ने “एक आरोपी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है. चंदपा पुलिस स्टेशन में दर्ज मामला 136/2020 की जांच अपने हाथों में ले ली है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने बाजरे के खेत में उसकी बहन का गला घोटने की कोशिश की.”

बीते महीने की 14 तारीख को हाथरस के एक गांव में 19 साल की एक दलित लड़की के साथ कथित सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया था.

14 सितंबर को चांदपा पुलिस स्टेशन में एक दलित की हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया था, इसमें ना तो बलात्कार का और ना ही सामूहिक बलात्कार का कोई ज़िक्र था.

कुछ दिन चले इलाज के बाद 29 सितंबर को लड़की की मौत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हो गई थी. इसके बाद आरोप है कि हाथरस जिला प्रशासन ने बिना परिवार की जानकारी के जल्दबाज़ी में आधी रात लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया. हालांकि, पुलिस का कहना है कि परिवार को इसकी जानकारी दी गई थी.

बाद में उत्तर प्रदेश सरकार के कहने पर और भारत सरकार की अधिसूचना के बाद सीबीआई ने इस मामले में मामला दर्ज किया है.

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