

- मुआवजा राशि की मांग को लेकर महापल्ली में ग्रामीणों ने किया दिनभर चक्काजाम, रात को हुआ पटाक्षेप
रायगढ़। इंड एग्रो कंपनी में ड्यूटी के बाद बाईक से घर जा रहे युवक को बेकाबू ट्रेलर ने अपनी गिरफ्त में लेते हुए ऐसे घसीटा कि उसकी दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजा राशि और अन्य मांगों को लेकर पूर्वांचल में दिनभर चक्काजाम कर दिया। रात 8 बजे जब प्रशासनिक पहल से मामला सुलटा, तब कहीं जाकर विवाद का पटाक्षेप हुआ। बेलगाम रफ्तार के कहर का यह वाक्या चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार रात लगभग साढ़े 9 बजे ग्राम महपल्ली में एक हौलनाक सड़क हादसे में इंड एग्रो कंपनी में ठेका मजदूरी का काम करने वाले युवक की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जाता है कि मूलत: पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम टिनमिनी में रहने वाला उमेश प्रधान पिता विष्णुचरण प्रधान (30 वर्ष) महुआपाली स्थित इंड एग्रो कंपनी में काम करता था, जो रोजाना की तरह ड्यूटी खत्म होने के बाद बाईक से अपने गांव टिनमिनी जा रहा था। इस दौरान महापल्ली मार्ग पर एसबीआई के सामने पहुंचा था कि सामने की तरफ से आ रही MSP जामगांव की तरफ से आ रहा 18 चक्का ट्रेलर क्र0 OD23-0831 के चालक ने तेज एवं लापरवाही पूर्वक चलाकर मोटर सायकल को ठोकर मार दिया बेलगाम ट्रेलर मृतक को बाईक सहित घसीटते हुए काफी दूर तक ले गया, लिहाजा उमेश के सिर सहित शरीर के अन्य हिस्से में गंभीर चोटें आने के कारण खून से लथपथ युवक ने चन्द सांसें गिनते ही मौके पर प्राण त्याग दिया।
वहीं, सड़क हादसे में बेगुनाह युवक की जान गंवाने की घटना की सूचना ग्रामीणों ने तत्काल चक्रधरनगर थाने में दी। तदुपरांत, हरकत में आई पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। बुधवार सुबह मर्ग पंचनामा तैयार कर पीएम उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया। साथ ही घटना कारित ट्रेलर के चालक के विरुद्ध भादंवि की धारा 304 ए के तहत मुकदमा पंजीबद्ध भी किया गया है।
चक्काजाम से पुलिस रही हलाकान
बेलगाम ट्रेलर की चपेट में आने से युवक की मौत की जानकारी लगते ही ग्रामीणों में आक्रोश की चिंगारी इस कदर सुलगी कि महापल्ली में स्टेट बैंक के सामने को बुधवार सुबह से आसपास के लोगों ने एकत्र होकर चक्काजाम शुरू कर दिया। हालांकि, पूर्वांचल में चक्काजाम की सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुंची और अपने स्तर पर उनको समझाईश देनी शुरू की, लेकिन ग्रामीणों का कहना था कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक वे अपना प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। वहीं प्रदर्शनकारियों की मांग रही कि मृतक के परिजनों को एक नई बाईक, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और शादी के लिए पर्याप्त रकम सहित अन्य सुविधाएं दी जाए, लेकिन प्रशासन ने उनकी मांगों को पूरा करने में असमर्थता जताई।
वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देर शाम तक प्रशासन की तरफ से तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपए, तथा वाहन मालिक से 50 हजार तथा अन्य मदों से 25 हजार सहित कुल एक लाख रुपए देने तैयार है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक उनकी सारी मांगे पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। ऐसे में दिनभर तनाव भरे माहौल में आरोप-प्रत्यारोप के बाद रात लगभग 8 बजे प्रशासनिक अफसर ने पुलिस की मौजूदगी में मृतक के शोकाकुल परिजन के बैंक खाते में 25 हजार रुपए जमा कराते हुए वाहन मालिक तथा जनसहयोग से और राशि देने का आश्वासन दिया तो चक्काजाम समाप्त होते ही वहां आवाजाही बहाल हुई।



