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बदन पर ‘सिपाही’ की वर्दी का सपना टूट न जाए, एसएससी के आवेदक प्रधानमंत्री तक ऐसे पहुंचा रहे ‘मन की बात’

सार संसद सत्र के दौरान गृह मंत्रालय में राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने दी थी। उन्होंने बताया था कि सब इंस्पेक्टर के 2534 पद और यूपीएससी द्वारा सहायक कमांडेंट के 330 पदों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया जारी है…

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एसएससी जीडी 2018 के साठ हजार से ज्यादा आवेदक, जो अपने बदन पर ‘सिपाही’ की वर्दी पहनने का सपना पाले हैं, नियुक्ति पत्र मिलने में ही रही देरी उन्हें परेशान कर रही है। अनेक आवेदकों ने भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली है, मेडिकल भी हो चुका है, मगर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों से ट्रेनिंग के लिए बुलावा नहीं आ रहा है। ढाई साल में भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
नतीजा, अब बहुत से आवेदकों की आयु निकल गई है।

दूसरे चांस की दौड़ से बाहर हो गए हैं। कोई आवेदक छह साल की मेहनत के बाद तो कोई चार साल में फाइनल मेरिट तक पहुंचा था। अब इन आवेदकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखना शुरू कर दिया है। आवेदकों के मुताबिक, वे पीएम के साथ मन की बात करना चाहते हैं। चूंकि रेडियो पर यह संभव नहीं होगा, इसलिए आवेदक उन्हें चिट्ठी भेज रहे हैं। कोई सोशल मीडिया के जरिए गुहार लगा रहा है कि जल्द से जल्द उन्हें नियुक्ति पत्र दिलाया जाए।
बता दें कि केंद्रीय सुरक्षा बलों में एसएससी जीडी 2018 के तहत सिपाहियों के 60210 पदों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। यह जानकारी गत दिनों संसद सत्र के दौरान गृह मंत्रालय में राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने दी थी। उन्होंने बताया था कि सब इंस्पेक्टर के 2534 पद और यूपीएससी द्वारा सहायक कमांडेंट के 330 पदों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया जारी है। इससे पहले उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा था कि सीआरपीएफ में 26506, बीएसएफ में 28926, सीआईएसएफ 23906, एसएसबी 18643, आईटीबीपी 5784 और असम राइफल में 7328 पद खाली पड़े हैं। आवेदकों ने अपनी बात पीएम और गृहमंत्री तक पहुंचाने के लिए कई तरीका अपनाए हैं। ट्विटर के अलावा डाक के द्वारा भी वे पत्र भेज रहे हैं। अपने पत्रों में आवेदक अंकित, नीरज, राजकृष्ण मिश्रा लिखते हैं कि 2018 के पदों में बढ़ोतरी कर मेडिकल फिट आवेदकों की ज्वाइनिंग तुरंत कराई जाए। हर बार केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में हजारों पद खाली चले जाते हैं।

एसएससी जीडी 2018 की भर्ती में पहले ही बहुत देर हो चुकी है। चूंकि भर्ती प्रक्रिया को शुरू हुए अब दो साल से अधिक समय हो गया है, इसलिए अनेक आवेदकों की दूसरी भर्ती के लिए आयु निकल हो चुकी है। उन्हें दोबारा से एसएससी जीडी परीक्षा में शामिल होने का कोई मौका नहीं मिलेगा। रणधीर कुमार ने पीएम और एचएम को पत्र भेजा है। नाबा प्रधान कहते हैं कि इस भर्ती में आयु की पाबंदी है, इसलिए ज्वाइनिंग में देरी नहीं होनी चाहिए। जिनकी आयु निकल गई है या निकलने वाली है, उनके लिए सीटों की संख्या में इजाफा किया जाए।

मैं छह साल की तैयारी के बाद यहां तक पहुंचा हूं

सूरज, बिहार से लिखते हैं कि मैं छह साल की तैयारी के बाद फाइनल मेरिट तक पहुंचा हूं। अब दूसरी भर्ती के लिए आयु निकल गई है। वर्दी पहनने का सपना अधूरा रह जाने का डर सता रहा है। ये भर्ती तो तीसरे साल में भी जारी है, ऐसे में बहुत से युवाओं की आयु आगे की भर्ती के लिए नहीं बचेगी। सभी के साथ न्याय हो, ऐसे में सीटों की संख्या बढ़ाना बहुत आवयश्क है।

जब ये भर्ती निकली थीं, तब आयु 25 साल थी। अब भर्ती प्रक्रिया को चलते हुए दो साल और सात माह से अधिक का समय जा चुका है। अभी तक किसी को भी नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। अनेक युवकों ने मेडिकल परीक्षा भी पास कर ली है। ऐसा न हो कि हजारों युवाओं को मेडिकल में पास होने पर भी लिस्ट से बाहर होना पड़े। एक आवेदक ने लिखा, यह भर्ती कोई चुनाव नहीं है जो पांच साल बाद दोबारा हो जाएंगे, इसलिए बिना किसी देरी नियुक्ति पत्र दिए जाएं।

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