
लक्ष्मी नारायण राठौर की विवेचना को न्यायालय की मुहर,खरसिया अपर सत्र न्यायालय ने सुनाया फैसला
खरसिया। ग्राम कोठीकुंडा के चर्चित तिहारू साहू हत्याकांड में माननीय विद्वान न्यायाधीश श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव खरसिया अपर सत्र न्यायालय खरसिया ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए मामले में सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय के इस निर्णय को मामले की विवेचना और पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों की महत्वपूर्ण परिणति के रूप में देखा जा रहा है।
चौकी से मिली जानकारी के अनुसार मामला 07 जुलाई 2025 का है। ग्राम मसनिया कला, सक्ती निवासी सुकमति साहू अपने पति तिहारू साहू के साथ मोटरसाइकिल से मसनिया कला जा रही थीं। ग्राम कोठीकुंडा में बेटे विकास साहू के घर के सामने पहुंचने पर रास्ते में बांस रखकर मोटरसाइकिल रोकने और विवाद शुरू होने की बात सामने आई थी। पुलिस के अनुसार, तिहारू साहू की पहली पत्नी जानकी साहू, उसकी बहन जया साहू तथा विकास साहू और भुनेश्वर साहू ने विवाद के दौरान तिहारू के साथ मारपीट की।
विवाद के दौरान धारदार टांगी से हमला किए जाने से तिहारू साहू को आंख के ऊपर, भुजा, जांघ और पैर सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं। घटना की सूचना मिलने के बाद जोबी चौकी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपराध दर्ज किया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था।

इस मामले में पुलिस ने विकास साहू, भुनेश्वर साहू, जानकी साहू और जया साहू को आरोपी बनाया था।

प्रारंभिक कार्रवाई में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। मामले की आगे की विवेचना में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण न्यायालय तक पहुंचा।
विवेचना को मिली न्यायिक पुष्टि
इस पूरे प्रकरण में जोबी चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी नारायण राठौर की विवेचना महत्वपूर्ण रही। घटना के बाद त्वरित कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी, साक्ष्यों का संकलन और प्रकरण को विधिक रूप से आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में पुलिस टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। अब अपर सत्र न्यायालय द्वारा सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस की विवेचना को न्यायिक स्तर पर महत्वपूर्ण पुष्टि मिली है।
घरेलू विवाद से हत्या तक पहुंचा मामला
प्रकरण की शुरुआत पारिवारिक विवाद और मारपीट से हुई थी, लेकिन धारदार हथियार से किए गए हमले ने घटना को गंभीर आपराधिक प्रकरण में बदल दिया। न्यायालय के फैसले ने यह संदेश भी दिया है कि पारिवारिक अथवा आपसी विवाद में हिंसा और घातक हथियारों का इस्तेमाल गंभीर कानूनी परिणाम तक पहुंच सकता है।
खरसिया अपर सत्र न्यायालय श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव का यह फैसला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। तिहारू साहू हत्याकांड में न्यायालय द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा पीड़ित पक्ष के लिए न्यायिक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण परिणति मानी जा रही है।




