
रायगढ़ । भारतीय खाद्य निगम में एक ही नंबर की दो गाड़ियां चलाने के मामले में परिवहन विभाग ने जांच शुरू कर दी है । आरटीओ उड़नदस्ता टीम ने एफसीआई डिपो में जांच की और संबंधित दस्तावेज मांगे। साथ ही ट्रांसपोर्टर बजरंगलाल अग्रवाल को नोटिस जारी किया गया है ।एफसीआई खरसिया डिपो में गोदाम प्रभारी और परिवहन ठेकेदार की मिलीभगत से भारी गड़बड़ी की जा रही है । ट्रांसपोर्टर ने एक ही नंबर की दो गाड़ियां दो अलग – अलग गोदामों में भेज दी थी । इस पर चावल उठाव भी हो गया । एफसीआई अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई के बजाय इसे दबा दिया।
खुलासा होने के बाद अब परिवहन विभाग ने घटना पर संज्ञान लिया है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने आरटीओ उड़नदस्ता टीम को एफसीआई में जांच करने भेजा था । एफसीआई डिपो से रैक प्वाइंट तक चावल पहुंचाने का ठेका विकी भाटिया ,संतोष अग्रवाल और बजरंगलाल अग्रवाल को मिला है । घटना के दिन रैक लगी थी । ट्रांसपोर्टर मनीष अग्रवाल की गाड़ी क्रमांक सीजी 13 एएन 9047 की एक गाड़ी रानीसागर गोदाम में लगी और दूसरी खरसिया डिपो में लगी। एक ही नंबर की दो गाड़ियों से परिवहन की बात सामने आने के बाद एफसीआई अफसरों ने खूब शोर मचाया लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं की । ठेकेदार को बचाने के लिए सभी एक हो गए । आरटीओ की टीम ने परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड मांगे हैं । इसके आधार पर ट्रांसपोर्टर को नोटिस भी जारी किया गया है । मामला बहुत गंभीर है । एफसीआई ने मामले को दबाने के लिए बहुत जोर लगाया है ।
दूसरी गाड़ी किसकी थी ? एक गाड़ी का नंबर तो सीजी 13 एएन 9047 था लेकिन दूसरी गाड़ी जिसमें उसका ओरिजिनल नंबर हटाकर यही नंबर डाला गया , वह किसकी थी । संभावना जताई जा रही है कि दूसरी गाड़ी का टैक्स बकाया होगा या वह अनफिट होगी । इससे बचने के लिए ट्रांसपोर्टर ने दो नंबर एक ही गाड़ी में डाल दिए । ऐसा पहली बार नहीं हुआ है।
क्या कहते हैं दुष्यंत-
आरटीओ ने जांच शुरू कर दी है । एफसीआई से रिकॉर्ड मांगे गए थे । ट्रांसपोर्टर को नोटिस दिया गया है – दुष्यंत रायस्त, आरटीओ




