
रायगढ़। वर्तमान में कोरोना (कोविड-19) से संक्रमण एवं फैलाव को देखते हुए आज जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के अध्यक्ष रमाशंकर प्रसाद के निर्देशन एवं जिला शिक्षा अधिकारी के सहयोग एवं समन्वय से कक्षा-नवमीं से बारहवीं क्लास के बच्चों की चल रही ऑनलाईन शिक्षा के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा विधि विषयों पर आधारित वर्चुअल विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। विधिक साक्षरता शिविर में शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित 09 ब्लाक के लगभग 450 विद्यार्थी ऑनलाइन सम्मिलित हुए। ऑनलाइन विधिक साक्षरता शिविर में न्यायाधीशगण रमाशंकर प्रसाद, जिला न्यायाधीश चन्द्र कुमार कश्यप, अपर जिला न्यायाधीश एवं दिग्विजय सिंह, प्रभारी सचिव/सी.जे.एम. सहित जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी.आदित्य, कमल किशोर स्वर्णकार सहायक जिला शिक्षा अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण तथा शिक्षक- शिक्षिकाएॅ जुड़े रहे।
विधिक विषयों की इस ऑनलाइन शिविर में विद्यार्थियों से न्यायाधीश रमाशंकर प्रसाद एवं चन्द्र कुमार कश्यप के द्वारा मोटर यान अधिनियम पर परिचर्चा की गई। रमाशंकर प्रसाद के द्वारा यह बताया गया कि जहॉ पर किसी नियम का उल्लंघन होता है तो वहॉ सजा का प्रावधान है, किन्तु किसी भी समस्या का समाधान उसको उचित उपचार उपलब्ध है। उन्होंने छात्रों से कहा कि यदि किसी को कोई समस्या है या किसी प्रकार की परेशानी है तो वह इस संबध में जिला प्रशासन और कलेक्टर को शिकायत कर सकते हैं और उसकी प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ को भेज सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उनकी समस्याओं को उचित फोरम के समक्ष प्रेषित कर दिया जाएगा। प्रसाद ने छात्रों को यह बताया कि जो नियमों का पालन नहीं करते हैं, उन्हें अनेक समस्याएॅ आती हैं। इसलिये सभी को नियमों का पालन करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति किसी सड़क में गड्ढे को देखता है तो उसका यह नैतिक दायित्व है कि वहॉ उस सडक को भरने का प्रयास करे या मवेशी बैठी है तो उसे किनारे कर दे। शासन-प्रशासन अपने स्तर पर अपना कार्य करती है। कमियों को पूरा करने के लिये शासन का ध्यान आकृष्ट करे। विद्यार्थियों को उन्होंने जागरूक होने का सुझाव दिया। प्रसाद ने बताया कि यदि किसी सडक के खराब होने के कारण कोई दुर्घटना हो जाती है और संबंधित व्यक्ति शासन से क्षतिपूर्ति प्राप्त करना चाहता है तो वह क्षेत्राधिकारिता वाले न्यायालय में दावा पेश कर सकता है। न्यायालय समुचित जॉच पश्चात् यदि यह पाती है कि दुर्घटना हुई है तो वह राज्य शासन से क्षतिपूर्ति दिला सकती है।
न्यायाधीश चन्द्र कुमार कश्यप द्वारा विद्यार्थियों को सड़क पर चलने के नियम एवं मोटर यान नियमों पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सड़क पर चलने के लिये नियम बने हुए हैं। प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह नियमों का पालन करे। इसी प्रकार मोटर वाहन चलाते समय भी गंभीरता एवं जवाबदारीपूर्वक नियमों का पालन करना चाहिए। यदि मोटरयान चलाने के दौरान किसी की मृत्यु हो जाती है तो उसे क्षतिपूर्ति के लिये जवाबदार होना पड़ सकता है। सामान्यत: लोगों को यह लगता है कि मोटर गाड़ी चलाने के लिये मात्र ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता होती है, किन्तु ड्राइविंग लाइसेंस के लिये यह आवश्यक है कि उस श्रेणी का लाइसेंस उसके पास हो। यदि कोई कार, बाईक, मोटरसाइकिल विद गियर या और कोई वाहन चलाता है तो उसके पास संबंधित वाहन का लाइसेंस होना अनिवार्य है।
न्यायाधीश कश्यप ने आगे यह भी जानकारी दी कि यदि नाबालिग बच्चे गाडी चलाते हैं और उनसे कोई दुर्घटना होती है या पकडे जाते हैं तो उनके पिता भी बराबर के भागीदार माने जाते हैं और उन्हें भी न्यायालय से सजा होती है। यदि किसी गाडी से दुर्घटना हो जाती है तो उसकी गाडी जप्त कर लिया जाता है। न्यायाधीश कश्यप द्वारा छात्रों को यातायात नियम संबंधित प्रावधान एवं यातायात से उत्पन्न दुर्घटना के बारे में विस्तार से बताया गया।
स.क्र./115/राहुल



