
खरसिया। सेवानिवृत्ति तो महज एक औपचारिकता होती है, वास्तव में तो शिक्षक जीवनपर्यंत अपने कर्तव्य का निर्वहन करता है। इसी तरह आज बहिदार जी शासकीय सेवा से भले ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं पर मुझे आशा ही नहीं वरन पूर्ण विस्वास है कि वे हमेशा एक उत्कृष्ट शिक्षक के दायित्यों का निर्वहन कर देश का भविष्य कहे जाने वाले नौनिहालों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

उक्त बातें शा. उ. मा. विद्यालय कोंडतराई के शाला विकास एवं प्रबंधन समिति के अध्यक्ष टेकराम चौधरी ने संस्था के माध्यमिक विभाग में प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ उमेश कुमार बहिदार के शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने के अवसर पर हायर सेकेंडरी भवन के सभाकक्ष में आयोजित विदाई समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर अपने विचार रखते हुए कही। उन्होंने आगे कहा कि बहिदार वक्त के पाबंद हैं और वे हमेशा समय से विद्यालय आते जाते थे। मैं सभी शिक्षकों से निवेदन करना चाहता हूँ कि वे उनका अनुशरण अवश्य करें। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्यालय प्राचार्य एस आर भगत ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज एक उत्कृष्ट शिक्षक हमारे विद्यालय से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। बहिदार जी जब तक यहाँ पदस्थ रहे तब तक उनके अनुभव का लाभ हमें मिला और मैं आशा करता हूँ कि आगे भी उनका मार्गदर्शन हमें मिलता रहेगा। इस दौरान सेवानिवृत्त हो रहे प्रधान पाठक उमेश कुमार बहिदार ने कहा कि आज आप लोगों ने मुझे जो सम्मान दिया है वह मेरी कल्पना से लाख गुना अधिक है। मैं आप लोगों का ऋणी हो गया हूँ।

गौरतलब है कि शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोंडतराई में प्रधान पाठक के पद पर कार्यरत रहे शिक्षक उमेश कुमार बहिदार 31 मार्च 2022 को अधिवार्षिकी आयु पूर्ण होने के फलस्वरूप शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर शा. उ. मा. विद्यालय एवं माध्य. शाला परिवार द्वारा विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विद्या की देवी माँ सरस्वती की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसी क्रम में विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इसके बाद उपस्थित शिक्षक/शिक्षिकाओं, कर्मचारियों और गांव के गणमान्य नागरिकों ने सेवानिवृत्त हो रहे बहिदार जी का पुष्पाहार पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत, सम्मान किया। इसके उपरांत समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक भुवनेश्वर पटेल, सेवानिवृत्त व्याख्याता बी आर महिलाने, शिक्षक खुशीराम पटेल, व्याख्याता एल बी मनोज कुमार कुजूर आदि ने विदाई समारोह में अपने विचार रखते हुए उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला और उनके साथ बिताए समय को यादकर अपना अनुभव साझा किया।

सम्बोधन उपरांत विद्यालय परिवार की ओर से बहिदार को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व संस्था के लिपिक प्रवीण चतुर्वेदी ने सम्मान पत्र का वाचन किया।

इसी तरह उनके सहकर्मियों, साथी शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों तथा अन्य उपस्थित जनों ने भी उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। इसी तरह विद्यालय परिवार द्वारा सेवानिवृत्त लेखापाल द्वय के एल नायक, सी एल देवांगन और सेवानिवृत्त व्याख्याता बी आर महिलाने का भी सम्मान किया गया। विदाई कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से संस्था के व्याख्याता (एलबी) राजेश कुमार पटेल, सहा. ग्रेड-02 प्रवीण चतुर्वेदी और सशि विज्ञान (एलबी) शैलेन्द्र कुमार धिरहे ने और आभार प्रदर्शन व्याख्याता एलबी अखिलेश कुमार मिश्रा ने किया।

इस अवसर पर गांव के गणमान्य नागरिक जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि दिलीप पटेल, पूर्व जनपद अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मीदेवी पटेल, ताराचंद डनसेना, राघव राम पटेल, पीताम्बर पटेल, दीनबन्धु यादव, हेमलाल साहू, केदार यादव, गोपाल यादव, नरेश कुमार, धीरज दास, कुमार सारथी, बी एल राठिया, नेतराम राठिया, संकुल समन्वयक कछार शशि डनसेना, डोंगीतराई वीरेंद्र चौहान, प्राथमिक शाला कोंडतराई, कछार, देवरी, हर्दिझरिया, हरिहरपुर, चारभांठा, लेबड़ा, नवीन परसदा, परसदा, केराझर, गढकुर्री, कुशवाबहरी, माध्यमिक शाला डोंगीतराई, परसदा, कुशवाबहरी, कछार, चारभांठा, शा उ मा विद्यालय डोंगीतराई के शिक्षक-शिक्षिकाओं के अलावा विद्यालय के मनोज कुमार कुजूर, लिबिर साय किंडो, अखिलेश कुमार मिश्रा, कृष्ण गोपाल पटेल, गिरधारी वर्मा, श्रीमती मोनिका वर्मा, श्रीमती तारा नायक, खुशीराम पटेल, दिलेश्वर प्रसाद पटेल, कीर्तन लाल राठिया, अनूप कुमार टोप्पो, महेंद्र प्रताप सिंह राज, जनेश्वर खरे, जया राम राठिया, लक्ष्मी नारायण भोय, राजेन्द्र स्नेही, जयलाल राठिया आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

विदाई समारोह को सफल बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यालय इकाई के सक्रिय स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा।




