छत्तीसगढ़

भूस्खलन में अब तक 14 की मौत, जारी है राहत व बचाव कार्य

मणिपुर के नोनी जिले में भीषण भूस्खलन के कारण ढहे निर्माणाधीन रेलवे साइट के मलबे में अनेकों लोग फंस गए। राहत और बचाव कार्य जारी है। इसके लिए एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर जुटी है। अब तक सेना के 13 जवानों और 5 स्थानीय नागरिकों को बचाया जा चुका है वहीं 9 जवानों और राज्य के एक नागरिक का शव निकाला गया है। लापता सैनिकों की तलाश में राहत और बचाव टीम जुटी है।

डीजीपी पी डूंगल ने बताया, ‘अब तक 23 लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है जिसमें से 14 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। तलाश अभियान जारी है। अभी और कितने लोग मलबे में फंसे हैं इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि ग्रामीणों और मजदूर समेत आर्मी और रेलवे के 60 लोगों के भी इस मलबे में फंसे होने का संदेह है।

राहत व बचाव कार्य में भारतीय रेलवे ने भी दिया सहयोग
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट कर कहा, ‘रेलवे, NDRF, SDRF और राज्य की टीम मिलकर काम कर रही है। तुपुल में हए इस हादसे के बाद हालात की काफी करीब से मानिटरिंग की जा रही है।’ भूस्खलन की यह घटना नोनी जिले के तुपुल रेलवे स्टेशन के करीब बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात को हुई। इसके पास ही सेना की कंपनी लोकेशन भी है। आर्मी असम राइफल्स और टेरिटोरियल आर्मी के जवानों की टीम राहत कार्य में जुटी है।

इसके अलावा भारतीय रेलवे, प्रशासन, NDRF, SDRF और नोनी जिले के स्थानीय लोग भी तलाश में अपना योगदान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह से मणिपुर में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन का जायजा लिया और केंद्र सरकार की ओर से संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया ।

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