दुबई मीडिया में छाई 15 साल की भारतीय लड़की, अब तक 25 टन कचरे को कर चूकीं हैं Recycle

दुबई. 15 वर्षीय भारतीय किशोरी रीवा तुलपुले अपने जागरूकता अभियान के कारण इन दिनों मीडिया की सुर्खियों में हैं. उन्होंने मात्र चार साल के समय में 25 टन ई-वेस्ट को रीसाइकल (Recycle 25 Tonnes Of E-waste) करने में मदद की है. गल्फ न्यूज के मुताबिक, दुबई में रहने वाली भारतीय किशोरी ने रीसाइक्लिंग को लेकर एक जागरूकता अभियान की शुरूआत की है. रीवा अभी दसवीं कक्षा में पढ़ रही हैं और उनके दिमाग में यह ख्याल उस वक्त आया जब वो नए घर में शिफ्ट हो रही थीं.
पुराने घर की सफाई में मां की मदद करते हुए उन्होंने अपने ही घर में बेकार इलेक्ट्रॉनिक सामान पाया. इस बारे में जब रीवा ने अपनी मां से पूछा कि क्या हम इसको दोबारा से इस्तेमाल करते हैं? तब मां ने कहा कि इसके लिए विशेष व्यवस्था करनी होगी, लेकिन कैसे; यह मुझे नहीं मालूम.
ज्यादा लोगों को नहीं पता है रिसाइकलिंग के बारे में…
न्यूज रिपोर्ट में रीवा के हवाले से कहा गया है कि इसके बाद मैंने ई-वेस्ट के निपटान के लिए रिसर्च की. और मुझे इस ओर आगे बढ़ने का रास्ता मिला. मैंने ‘वीकेयरडीएक्सबी’ अभियान की शुरूआत कर दी. कई लोग पुराने उपकरणों और डिवाइसेस को आम कचरे के साथ ही फेंक देते हैं. वे रीसाइकलिंग के विकल्प को नहीं जानते हैं, उनके लिए ही यह जागरूकता अभियान चलाया है.इस अभियान में सोशल मीडिया के साथ-साथ मौखिक प्रचार भी किया गया. इससे स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल्स और आम जनता प्रभावित हुई और वे वॉलिंटियर के रूप में जुड़े और ई-वेस्ट को रीसाइकिलिंग के लिए जमा किया जाना शुरू हुआ. इसके बाद जेम्स मॉडर्न ऐकेडमी की छात्रा रीवा, दुबई की एक संस्था ‘एनवायरोसर्व’ के संपर्क में आईं. यह संस्था इलेक्ट्रॉनिक कचरे को रीसाइकल करती है. रीवा ने जमा किए गए ई-वेस्ट को इसी संस्था के हवाले किया. दिसंबर में जमा किए गए ई-वेस्ट में 2000 टूटे लैपटॉप, टैब्स, मोबाइल फोन्स, प्रिंटर्स, की-बोर्ड्स और अन्य सामान थे. इस अभियान के दस दिनों में 15 स्कूलों के 60 स्टूडेंट्स भी शामिल हुए.




