आयोग ने शुरू की तैयारी, यूपी के साथ चुनाव संभव; भाजपा और कांग्रेस झोंकेगी ताकत दोनों नए चेहरों पर लगा सकते हैं दांव

![]()
रायपुर- खैरागढ़ विधानसभा के उप चुनाव के लिए सुगबुगाहट शुरू हो गई है। जोगी कांग्रेस के विधायक देवव्रत सिंह के निधन के कारण खाली हुई इस सीट पर अब भाजपा के साथ ही सत्ताधारी कांग्रेस की भी निगाहें हैं। कांग्रेस पिछले उप चुनावों की तरह यहां भी जीत हासिल कर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश करेगी। वहीं, भाजपा उप चुनाव के जरिए मिशन-2023 की तैयारी का आगाज करेगी।जबकि जोगी कांग्रेस हर हाल में सीट पर कब्जा बरकरार रखने की कोशिश होगी। बता दें कि खैरागढ़ सीट पर 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराना होगा। 4 मार्च से पहले यहां चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के पहले चरण के साथ ही सीट पर उपचुनाव कराए जाने के संकेत मिल रहे हैं। आयोग ने कवायद शुरू कर दी है। 31 जनवरी को नई मतदाता सूची का प्रकाशन हो जाएगा। भाजपा और कांग्रेस के नेता नई मतदाता सूची में जुट गए हैं।भूपेश सरकार में चौथा उप चुनावखैरागढ़ विधानसभा सीट के लिए 6 महीने के भीतर उप चुनाव होगा। भूपेश सरकार में यह चौथा उपचुनाव होगा। 2018 में राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद पहला उप चुनाव दंतेवाड़ा सीट के लिए हुआ। नक्सल हमले में भीमा मंडावी के निधन के कारण रिक्त सीट पर देवती कर्मा की जीत हुई। इसके बाद विधायक दीपक बैज के सांसद बनने के कारण खाली हुए चित्रकोट विधानसभा सीट पर कांग्रेस के राजमन बेंजाम ने जीत दर्ज की। इसी तरह मरवाही विधायक अजीत जोगी के निधन के बाद हुए उप चुनाव में डॉ. केके ध्रुव की जीत हुई।897 वोटाें से ही जीत पाए थे देवव्रत सिंह2018 के विधानसभा चुनाव में जोगी कांग्रेस के देवव्रत सिंह ने भाजपा उम्मीदवार कोमल जंघेल को 897 वोटों से पराजित किया था। कांग्रेस उम्मीदवार गिरिवर जंघेल तीसरे स्थान पर रहे थे। इससे पहले 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के गिरवर जंघेल ने बीजेपी के कोमल जंघेल को पराजित किया था। 2008 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कोमल जंघेल ने कांग्रेस के मोतीलाल को पराजित किया था।खैरागढ़ राजपरिवार से तीन दावेदारों के नामखैरागढ़ सीट के लिए राजपरिवार भी जोर आजमाईश करेगा। राजपरिवार से तीन दावेदार होने की बात सामने आ रही है। देवव्रत सिंह की दोनों पत्नियों के अलावा उनकी बहन भी दावेदारी कर सकती हैं। पहली पत्नी पद्मा देवी के समर्थकों के साथ कांग्रेस प्रवेश करने के संकेत मिल रहे हैं। वहीं, उनकी बहन भी कांग्रेस का दामन थामने की इच्छुक हैं। जबकि उनकी दूसरी पत्नी विभा देवी जोगी कांग्रेस से खुद को स्वाभाविक दावेदार मान रही हैं।सक्रिय हो गए दावेदार राजधानी में भी दौरेकांग्रेस के दावेदार गिरिवर जंघेल सीएम भूपेश बघेल के साथ ही वन मंत्री मोहम्मद अकबर के निवास के चक्कर लगा रहे हैं। कांग्रेस अपने पिछले उम्मीदवार पूर्व विधायक गिरिवर जंघेल को फिर से मैदान में उतार सकती है। भाजपा से पूर्व विधायक काेमल जंघेल के साथ ही विक्रांत सिंह प्रबल दावेदार हैं। दोनों नेता अभी से लॉबिंग में जुट गए हैं। भाजपा नए चेहरे के रूप में पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह के भांजे विक्रांत सिंह को भी आजमा सकती है।फिलहाल, विक्रांत सिंह जिला पंचायत उपाध्यक्ष हैं। हालांकि, किसान मोर्चा के महामंत्री खम्मन ताम्रकार और जिला पंचायत सदस्य धम्मन साहू भी दावेदारी कर रहे हैं। जबकि जोगी कांग्रेस स्व. देवव्रत सिंह पत्नी को मैदान में उतार सकती है। देवव्रत सिंह की दूसरी पत्नी विद्या देवी पहले ही जाेगी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की बैठक ले चुकी हैं।दावेदारकांग्रेस1- गिरिवर जंघेल, पूर्व विधायक2- नीलांबर वर्मा, पूर्व जनपद सदस्य3- दशमथ जंघेल, जिपं की नेताभाजपा1- कोमल जंघेल, पूर्व विधायक2- विक्रांत सिंह, जिपं उपाध्यक्ष3- खम्मन ताम्रकार, किसान मोर्चा नेता4- धम्मन साहू, जिला पंचायत सदस्य…




