भारतीय नौसेना में शामिल हुआ INS Kavaratti, एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल Nag का अंतिम परीक्षण सफल

चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच भारत अपनी सैन्य क्षमता में इजाफा करने में लगा हुआ है। इसी कड़ी में भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने विशाखापट्टनम में स्वदेशी निर्मित एंटी-सबमरीन युद्धपोत आईएनएस कवरत्ती (INS Kavaratti) को नौसेना में शामिल किया। इस की खासियत है कि यह रडार की पकड़ में नहीं आता। कवरत्ती के बेड़े में शामिल होने से नौसेना की ताकत में और भी अधिक इजाफा होगा। प्रोजेक्ट 28 के तहत निर्मित चार स्वदेशी युद्धपोत में से यह अंतिम है।
INS Kavaratti को भारतीय नौसेना के संगठन डायरेक्टोरेट ऑफ नेवल डिजाइन (डीएनडी) ने डिजाइन किया है। कवरत्ती को स्वदेशी रूप से विकसित अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर से लैस किया गया है जिसमें एक मध्यम श्रेणी की बंदूक, टारपीडो ट्यूब लांचर, रॉकेट लांचर और एक करीबी हथियार प्रणाली शामिल है।
Indigenously built Anti-Submarine Warfare Corvette #INSKavaratti has a state-of-the-art weapons & sensor suite capable of detecting and prosecuting submarines. It also has credible self-defence capability: Indian Navy
(Visuals from Naval Dockyard, Visakhapatnam, Andhra Pradesh) https://t.co/TkI3EIARak pic.twitter.com/4csxKQ91yQ
— ANI (@ANI) October 22, 2020
नौसेना अधिकारियों ने बताया कि आईएनएस कवरत्ती में अत्याधुनिक हथियार प्रणाली है और ऐसे सेंसर लगे हैं जो पनडुब्बियों का पता लगाने और उनका पीछा करने में सक्षम हैं। इस युद्धपोत में इस्तेमाल की गई 90 फीसद चीजें स्वदेशी हैं। इससे पहले नौसेना को ऐसे ही तीन युद्धपोत सौंपे जा चुके हैं।
डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने गुरुवार को एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल नाग (Nag) का अंतिम सफल परीक्षण किया। पोखरण रेंज में इसका सफल परीक्षण किया गया। इसी के साथ Nag मिसाइल अब भारतीय सेना में शामिल होने को तैयार है। भारत को अब एंटी टैंक हथियारों के लिए अमेरिका या इजराइल पर निर्भर नहीं रहना होगा।




