बीजापुर में बाढ़ जैसे हालात:इंद्रावती नदी चेतावनी स्तर से ऊपर, दो दिन के लिए सभी स्कूल बंद;चंदनगिरी में रेस्क्यू जारी

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जिले की जीवनरेखा मानी जाने वाली इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़कर 16.250 मीटर पर पहुंच गया है, जो निर्धारित वार्निंग लेवल से ऊपर है। नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है और कई गांव प्रभावित हुए हैं।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में चंदनगिरी गांव शामिल है, जहां बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासन ने व्यापक राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया है। भोपालपटनम के एसडीएम, तहसीलदार और जनपद पंचायत के सीईओ स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं तथा रेस्क्यू कार्य का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रशासनिक टीम स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक राहत उपलब्ध कराने में जुटी हुई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीजापुर विधायक विक्रम मण्डावी ने जिला कलेक्टर से विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर विद्यालयों में अवकाश घोषित करने की मांग की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने त्वरित निर्णय लेते हुए 31 जुलाई और 1 अगस्त को जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया।

कलेक्टर की स्वीकृति के पश्चात जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पाण्डेय ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, लगातार हो रही बारिश, उफनती नदियों, जलमग्न सड़कों तथा संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
लगातार वर्षा के कारण जिले की अनेक सड़कें, पुल-पुलिया तथा नदी-नाले उफान पर हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है, जिससे जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, उफनते नदी-नालों और पुलों को पार करने का प्रयास न करें तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। राहत एवं बचाव दलों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
स्थिति पर नजर
मौसम की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन अगले 48 घंटों को अत्यंत महत्वपूर्ण मान रहा है। यदि वर्षा का क्रम इसी तरह जारी रहा, तो निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने, सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।



