
अवैध खनन नेटवर्क पर उठे सवाल…
रायगढ़। रायगढ़ जिले के ग्राम बरभौना में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही करते हुए 10 ट्रैक्टर और एक ट्रैक्टर-लोडर जब्त किया है। कलेक्टर के निर्देशन में खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शिकायत मिलते ही नदी क्षेत्र में दबिश दी। टीम के पहुंचते ही वाहन चालक अपने-अपने वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गए। जब्त सभी वाहनों को अग्रिम वैधानिक कार्यवाही के लिए थाना छाल की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखा गया है।

प्रशासन के अनुसार ग्राम बरभौना में नदी से अवैध रूप से रेत निकासी और परिवहन किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के सत्यापन के लिए संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंची,जहां निरीक्षण के दौरान 10 ट्रैक्टर और एक ट्रैक्टर-लोडर अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त पाए गए। इसके बाद सभी वाहनों को नियमानुसार जब्त कर लिया गया। संबंधित वाहन मालिकों और अवैध खनन से जुड़े व्यक्तियों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत वैधानिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
प्रशासन का संदेश

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर के निर्देशन में जिले भर में अवैध रेत उत्खनन,परिवहन और खनिज कारोबार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आगे भी ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे।
कार्यवाही के बाद तेज हुई कानाफूसी…
इस कार्यवाही के बाद क्षेत्र में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि आस-पास के इलाके के नदियों में लंबे समय से बड़े पैमाने पर होने वाले अवैध रेत उत्खनन और भारी वाहनों से खुलेआम होने वाले परिवहन को आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है? स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहे हैं कि यदि छोटे वाहनों पर कार्यवाही संभव है तो बड़े स्तर पर संचालित अवैध गतिविधियों पर भी समान रूप से प्रभावी कार्यवाही कब होगी।
हालांकि,इन चर्चाओं या संरक्षण संबंधी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही प्रशासन ने इस संबंध में किसी व्यक्ति या समूह का नाम सार्वजनिक किया है। यदि जांच में ऐसे किसी संगठित नेटवर्क या संरक्षण के प्रमाण सामने आते हैं,तो उसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जा सकती है।
फिलहाल प्रशासन की कार्यवाही को अवैध खनन के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जांच का दायरा बढ़ाकर अवैध खनन के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे सक्रिय तत्वों तक भी कार्यवाही पहुंचती है।


