
कांग्रेसी जिले से कौन होगा नया प्रदेश ओपी चौधरी या विष्णु देव साय…

राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा की औपचारिक घोषणा के बाद प्रदेश अध्यक्ष पर लगेगी मुहर…
15 सालो का सत्ता सुख भोगने के बाद भाजपा विपक्ष की भूमिका में विधवा विलाप करती नजर आ रही है l 15 सालो से शिशुपाल बनी भाजपाई सत्ता की 99 गलतियां माफ करने वाली जनता ने पिछले बार 100 वी गलती होते ही भाजपाई सत्ता का सर कलम कर दिया l सत्ता जाने के बाद लोकसभा चुनाव परिणाम से भले ही भाजपा को थोड़ी संजीवनी मिली हो लेकिन प्रदेश नेतृत्व भी यह बात भली भांति जानता है कि जीत लोकसभा की टिकट बदले जाने के अभिनव प्रयोग व मोदी फैक्टर की बजह से मिली है l खोई सत्ता वापस पाने के लिए प्रदेश भाजपा को अब कोई करिश्माई नेता चाहिए अन्यथा सत्ता का सिंहासन पाना टेढ़ी खीर होगी l
स्थानीय नगरीय निकाय चुनाव परिणाम भी भाजपा के लिए निराशा जनक ही रहा l पंचायत चुनाव का परिणाम शेष है l बरहाल मौजूदा स्थिति में भाजपा खेमे में सत्ता जाने के बाद गुटबाजी की खाई चौड़ी नजर आ रही है l
पंचायत चुनाव के बाद सभी जिला अध्यक्ष बदले जाएंगे उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी के कार्यकाल के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का ताज रखे जाने का निर्णय लिया जावेगा l मौजूदा गृहमंत्री अमित शाह अभी राष्ट्रीय अध्यक्ष है उनकी जगह जेपी नड्डा को बनाये जाने औपचारिक घोषणा शेष है l सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा तत्काल बाद छग में भी नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया जावेगा l कांग्रेस के इस जिले से पिछड़ा वर्ग के यूथ आइकॉन ओपी चौधरी या आदिवासी वर्ग से पूर्व सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव् साय में से किसी एक को आजमाए जाने की संभावना है l विष्णु देव साय रमन सरकार के दौरान सांसद के साथ साथ प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व भी निभा चुके है l आदिवासी मुख्यमंत्री बनाये जाने की स्थिति में विष्णु देव साय का नाम सुरक्षित रखने की स्थिति में पिछड़ा वर्ग से ओपी चौधरी को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने की संभावनाओं को खारिज नही किया जा सकता l भुपेश सरकार की ताज पोशी के बाद कांग्रेस छत्तीशगाड़िया वाद की ट्रैक पर चल रहे है l प्रदेश में पिछड़ा वर्ग की आबादी सबसे अधिक है इस लिहाज से पिछड़े वर्ग से जुड़े ओपी चौधरी को भी प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए आजमाया जाना भाजपा के लिए लाभकारी हो सकता है l यूथ आइकॉन ओपी चौधरी ने रायपुर कलेक्टर का स्वर्ण सिंहासन छोड़कर राजनीति के मैदान में धमाकेदार एंट्री की है l खरसिया में मौजूदा मंत्री व विधायक उमेश पटेल के साथ उनका कड़ा मुकाबला हुआ l ओपी चौधरी हार कर भी जनता का दिल जीतने वाले बाजीगर बनने की कोशिश में l ओपी की हार के साथ प्रदेश मे भी भाजपा की सरकार चली गई l लेकिन हार नही मानूंगा….की तर्ज पर ओपी ने सरकार की नाक में दम कर दिया l बतौर विपक्ष ओपी अधिक दमदार बनकर उभरे l सोशल मीडिया व लगातार जन संपर्क व धुंआधार प्रचार के जरिये ओपी बहुत ही जल्द भाजपा की राजनीति में करिश्माई नेता के रूप में स्थापित हो गए l सोशल साइट्स के जरिये सर्वाधिक सुर्खिया बटोरने वाले ओपी बघेल को घेरने का कोई मौका नही छोड़ रहे वही राष्ट्रीय मुद्दों पर भी ओपी भुपेश के ऊपर हमलावर रहते है l धान के मुद्दे में उन्होंने भुपेश सरकार के माथे परेशानी के बल ला दिए तो शिक्षा कर्मियों की मांग को लेकर उन्होंने भुपेश व टीएस सिंहदेव को उनका वादा याद दिलाते हुए जय वीरू की जोड़ी निरूपित किया l भुपेश के भौरा चलाने पुनी स्नान के दौरान गुलाटी मारने पर भी सरकार की चुटकी लेते हुए कहा कि भौरा चलाने व गुलाटी मारने से जन समस्याए हल नही हो सकती l बयान बाजी को लेकर ओपी का अंदाज पूरे प्रदेश की मीडिया की सुर्खियों में रहा व प्रदेश भर की जनता को भी पसंद भाया…..
यह बताना लाजमी होगा कि रायपुर बिलासपुर संभाग की तुलना में सरगुजा संभाग के अंर्तगत आने वाले सभी जिलों में भाजपा का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा है l कई जिलों में भाजपा की शून्य स्थिति रही जिनमें रायगढ़ व सरगुजा व जशपुर जिला शामिल है l प्रदेश में जब भी भाजपा की सरकार रही है मंत्री मंडल के गठन के दौरान रायगढ़ जिला अभागा ही रहा है वही जब जब काँग्रेस कि सत्ता
आई है तब तब रायगढ़ जिले को मंत्रिमंडल में स्थान अवश्य मिला है l मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ विभाजन जोगी सरकार के दौरान जिले को कांग्रेस से चार-चार मंत्री रहे लेकिन रमन सरकार ने इस जिले से किसी को स्थान नही दिया l पंद्रह सालो के बाद कांग्रेस ने आते ही जिले से

उमेश पटेल को मंत्री मंडल में शामिल कर इन जिले के राजनैतिक महत्व को उच्च शिक्षा,कौशल विकास,तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार,विज्ञान और प्रौद्योगिकी,खेल एवं युवा कल्याण विभाग महत्वपूर्ण विभाग दे बरकार रखा l भाजपा की यह मजबूरी है कि इस जिले को पर्याप्त राजनैतिक महत्व दे l बरहाल भाजपा के पास इस जिले से ओपी व विष्णु देव से दो विकल्प है जिस पर पार्टी को समय रहते विचार करना है l

साभार सोशल मीडिया-रायगढ़ गणेश अग्रवाल




