
✍️संतोष यादव @खरसिया:धर्म नगरी में चल रहे श्रीमद भागवत कथा भक्ति ज्ञान यज्ञ महोत्सव के चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने स्वयं को मथुरा में होने का अनुभव किया और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनकर भावविभोर हो उठे।
पं. संतोषकृष्ण शास्त्री जी ने भागवत कथा के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का साक्षात रूप श्रीमद भागवत है, जो समाज के हर वर्ग के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। कथा के माध्यम से उन्होंने सतो, रजो और तमो गुणों का विस्तार से वर्णन किया, और बताया कि तमो गुण अज्ञान का प्रतीक है जबकि सतो गुण निर्मलता और ज्ञान का स्रोत है।
भगवान का जन्म और लीला:
कथा में दसवें स्कंध का विशेष रूप से उल्लेख किया गया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी लीलाओं का वर्णन है। कंस के अत्याचारों से त्रस्त देवताओं द्वारा भगवान की स्तुति और भगवान द्वारा ब्रज में जन्म लेने का आश्वासन भी कथा का हिस्सा था। पं. शास्त्री ने कहा कि भगवान के जन्म का यह पर्व हमें जीवात्मा और परमात्मा के मिलन के अद्वितीय अनुभव से जोड़ता है, जिसे महारास कहा गया है।
कृष्ण जन्मोत्सव की धूम:
कृष्ण जन्मोत्सव के दौरान आयोजक परिवार से जयप्रकाश अग्रवाल ने गोकुल बाबा का रूप धारण कर बाल श्रीकृष्ण के स्वरूप को पालने में उठाकर उपस्थित जनों को बधाई दी। कथा परिसर में भक्तों द्वारा एक-दूसरे को बधाइयां दी गईं, जिससे पूरा माहौल मथुरामय हो गया।
कथा के अन्य प्रसंग:
पं. संतोषकृष्ण शास्त्री जी ने सप्तम स्कंध की कथा सुनाते हुए भक्त प्रहलाद और भगवान नरसिंह अवतार की कथा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि वासनाओं को नियंत्रित करने के उपायों का वर्णन श्रीमद भागवत के आठवें स्कंध में किया गया है, जिसमें गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, बलि-वामन प्रसंग और मत्स्य अवतार की कथाएं शामिल हैं।
भागवत कथा का महत्व:
कथा के दौरान शास्त्री जी ने यह भी बताया कि श्रीमद भागवत जीवन और मृत्यु दोनों के रहस्यों को समझने का मार्ग है। यह केवल मोक्ष का मार्ग ही नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला ग्रंथ है। उन्होंने सभी भक्तों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में भागवत कथा में सम्मिलित हों और अपने पितरों के मोक्ष के लिए इस पावन अवसर का लाभ उठाएं।

कार्यक्रम का आयोजन जोहरीमल सावडिया और हरिराम रामकुमार सावडिया परिवार द्वारा किया जा रहा है, जो 05 सितंबर से 11 सितंबर तक चलेगा।




