मंत्री उमेश पटेल के गृहग्राम से प्रदीप कुमार पटेल का सहायक प्राध्यापक में चयन ? जानें मीडिया में…

मंत्री उमेश पटेल के गृहग्राम से प्रदीप कुमार पटेल का सहायक प्राध्यापक में चयन ? जानें सोशल मीडिया में ट्रेंड करते इस दावे का सच…पढ़े ग्राउंड जीरो इन्वेस्टिंग रिपोर्ट
रायगढ़- छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक प्राध्यापक का परिणाम जारी हुआ हैं जिसमें योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इस परीक्षा में एक अभ्यर्थी प्रदीप कुमार पटेल का सहायक प्राध्यापक के रूप में सिलेक्शन हुआ है। जिसे लेकर सोशल मीडिया में यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि प्रदीप कुमार पटेल नंदेली का निवासी है और मंत्री उमेश पटेल का रिश्तेदार है इसलिए शायद उसका सलेक्शन इस पद के लिए हुआ है। सोशल मीडिया में चल रहे इस विषय की पड़ताल के लिए हमारी टीम जा पहुंचा नंदेली ग्राम।
सहायक प्राध्यापक चयन में मंत्री उमेश पटेल के तथाकथित रिश्तेदार के चयन को लेकर वायरल हो रही खबर का सच….?
जहां हमने नंदेली गांव के ग्रामीणों से प्रदीप कुमार पटेल के बारे में डिटेल जानकारी लेने की कोशिश की तो पता चला कि इस गांव में प्रदीप कुमार पटेल नाम का कोई नहीं रहता है जिसने यह परीक्षा दी हो और ना ही मंत्री उमेश पटेल का रिश्तेदार है।

जांच पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए सही तथ्य की जानकारी के लिए हमने क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सुदर्शन पटेल से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि “मैं यहां वर्षों से निवासरत हूं और व्यक्तिगत तौर पर हर व्यक्ति को जानता हूं। नंदेली में प्रदीप कुमार पटेल नाम का कोई भी व्यक्ति निवास नहीं करता है जो परीक्षा में बैठा हो। सोशल मीडिया में जो भ्रम फैलाया जा रहा है कि प्रदीप कुमार पटेल मंत्री उमेश पटेल का रिश्तेदार है और नन्देली में रहता है यह बात बिल्कुल झूठ व बेबुनियाद है। इस गांव से प्रदीप कुमार पटेल नाम का कोई भी व्यक्ति परीक्षा में बैठा ही नहीं तो सिलेक्शन होना तो दूर की बात है।
बहरहाल हमारे पड़ताल में यह मामला सोशल मीडिया में फैलाया गया सफेद झूठ साबित हुआ। नन्देली गांव में प्रदीप कुमार पटेल नाम का कोई भी व्यक्ति परीक्षा में बैठा ही नहीं है तो चयन होने का सवाल ही नहीं उठता। सोशल मीडिया में केवल इसे भ्रम के रूप में परोसा जा रहा है।




