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पद्म पुरस्कार से सम्मानित थे मशहूर वायलिन वादक टीएन कृष्णन, 92 वर्ष की उम्र में चेन्नई में ली अंतिम सांस

नई दिल्ली: मशहूर वायलिन वादक और पद्म पुरस्कार से सम्मानित त्रिपुनिथुरा नारायणायर (टीएन) कृष्णन का सोमवार दो नवंबर की शाम चेन्नई (तमिलनाडु) में निधन हो गया। उनकी उम्र 92 वर्ष थी।

बेशक टीएन कृष्णन अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन पूरा देश उनकी रागों की प्राचीन सुंदरता का प्रतिनिधित्व करता रहेगा। उन्होंने एक बालक के रूप में संगीत की दुनिया में प्रवेश किया था। अपने जीवन के अंतिम दिनों तक वे रागों का प्रदर्शन करते रहे।

टीएन कृष्णन बीमार नहीं थे, सोमवार को शाम को उन्हें अचानक बेचैनी हुई और उनका निधन हो गया। ये जानकारी चेन्नई के संगीत प्रेमी और संगीत कार्यक्रमों के आयोजक रामनाथन अय्यर ने दी। रामनाथन अय्यर टीएन कृष्णन के परिवार के करीबी हैं, उन्होंने कहा कि पिछले महीने ही टीएन कृष्णन ने अपना जन्मदिन मनाया था। टीएन कृष्णन ने बचपन से ही संगीत सीखा था। संगीत उन्हें विरासत में मिला था।

विलक्षण प्रतिभा के धनी

टीएन कृष्णन का जन्म 1928 में केरल हुआ था। कृष्णन बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी थे।
कृष्णन को संगीत की शुरुआती शिक्षा उन्हें अपने पिता ए नारायण अय्यर से मिली। उन्होंने तिरुवनंतपुरम में 11 साल की उम्र में 1939 अपना पहला कॉन्सर्ट में दिया था। बाद में अल्लेप्पी के पार्थसारथी उनके मेंटर बने और कृष्णन ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में उनके दिए गए सपोर्ट को हमेशा स्वीकार किया था। साल 1942 में चेन्नई जाने के दौरान वे सेमंगुड़ी श्रीनिवास अय्यर से जुड़ गए। इसके बाद उनके करियर को नई ऊंचाई मिली।

कृष्णन ने अरियाकुड़ी रामानुज अयंगर, मुसिरी सुब्रमनिया अय्यर, अलाथुर ब्रदर्स, जीएन बालासुब्रमण्यम, मदुरै मणि अय्यर, वैद्यनाथ भगवान, एमडी रामनाथन और महाराजपुरम विश्वनाथ अय्यर जैसे महान संगीतकारों के साथ काम किया था।

पद्म विभूषण से सम्मानित

कृष्णन ने एक शिक्षक के रूप में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वह म्यूजिक कॉलेज, चेन्नई में म्यूजिक के प्रोफेसर रहे। इसके बाद वह दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ म्यूजिक एंड फाइन आर्ट्स के डीन बने। उन्हें संगीत की दुनिया में प्रोफेसर कृष्णन के रूप में जाना जाता था। उन्हें संगीत अकादमी का संगीत कलानिधि और पद्म भूषण और पद्म विभूषण सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया।

श्रीनिवास अय्यर के शिष्य रहे गायक और लेखक टी.एम. कृष्णा ने उन्हें याद करते हुये कहा कि उन्हें रागों की गहरी समझ थी। अच्छे संगीत के बारे उनकी स्पष्टता थी और उन्होंने इसका अटूट पालन किया।

परिवार

टीएन कृष्ण संगीत की शुरुआती शिक्षा अपने पिता से ली थी। टीएन कृष्णन का जन्म केरल में छह अक्टूबर 1928 में हुआ था। टीएन कृष्णन के पिता का नाम ए नारायण अय्यर था और मां का नाम अम्मीनी अम्मल था। टीएन कृष्णन की शादी कमला कृष्णन से हुई थी और उनके दो बच्चे हैं, विजी कृष्णन नटराजन और श्रीराम कृष्णन। विजी कृष्णन नटराजन और श्रीराम कृष्णन दोनों ही प्रसिद्ध वायलिन वादक हैं और अपने पिता के नक्शेकदम पर चल रहे हैं। टी एन कृष्णन की बहन एन राजम हिंदुस्तानी भी एक प्रसिद्ध वायलिन वादक हैं।

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