
पानी का छिड़काव नहीं किए जाने के कारण निर्माणाधीन सड़क से उड़ती धूल के कारण खरसिया निवासियों का जीना दूभर हो गया है। सड़क की धूल मिट्टी के कारण मार्केट वालों का कीमती सामान भी बदरंग हो रहा है। दिन भर धूल के गुब्बार के बीच वाहन चालकों अन्य राहगीरों का गुजरना भी कठिन बना हुआ है।

खरसिया- रानीसागर से गांधी चौक की सड़क पर गत कई महीनों से निर्माणकार्य चल रहा है। काम की गति बहुत ही सुस्त गति से होने के कारण ग्रामीणों के लिए सड़क जी का जंजाल बन गई है। दिन भर सड़क से उड़ते धूल के गुब्बार के कारण आस पास के दुकानदार भी परेशान चुके हैं। सड़क से जैसे ही कोई वाहन गुजरता है आस-पास चारों तरफ धूल उड़ने लगती है।

धूल के कारण पैदल यात्री, बाइक चालक, स्कूल स्टूडेंट्स खासे परेशान हैं। ठेकेदार ने सड़क के एक किनारे पर मिट्टी के ढेर लगाए गए हैं। जैसे ही सड़क से वाहन निकलता है सड़क के किनारे पड़ी मिट्टी उड़कर आस-पास के लोगों पर आन पड़ती है। सड़क पर लगे मिट्टी के ढेर वाहन चालकों के लिए भारी परेशानी खड़ी कर रहे हैं। खास कर रात के समय सड़क किनारे जमा की गई मिट्टी यातायात में बाधक बनी हुई है।
सड़क पर नहीं किया जाता पानी का छिड़काव

फाईल फोटो
सड़क निर्माण में लगी कम्पनी घोर लापरवाही बरत रही है। ठेकेदार कायदे कानूनों को ताक पर रखकर स्थानीय जनता को दूषित वातावरण में रहने को मजबूर कर रहा है। नियमानुसार सड़क पर काम करते समय सड़क पर दिन भर पानी का छिड़काव किया जाना लाजमी होता है। सड़क निर्माण के समय राहगीरों स्थानीय जनता को कोई परेशानी हो इस लिए स्प्रिंकल द्वारा पानी का छिड़काव लगातार होता रहना जरूरी है।

पानी का छिड़काव नहीं किए जाने के कारण धूलभरे वातावरण में काम करना कठिन बना हुआ है। राहगीर भी मुंह ढकने पर मजबूर हैं। सड़क से उड़ती धूल जनता की आंखों में पड़ रही है। मार्किट के दुकानदार धूल के कारण परेशान हो चुके हैं।
सड़क निर्माण में लगी कम्पनी के ठेकेदार के लिए लोग के मध्य अव्यवस्थाओं को लेकर पनपने लगा है आक्रोश समय रहते प्रशासन लोगों के मानसा अनुरूप आवागमन के लिए सुचारू रूप से व्यवस्था न होने पर कहीं आक्रोश ज्वालामुखी तरह फट अपने चपेट मे न ले ले…




