खरसिया। नगर पालिका परिषद खरसिया के अधिकारी कर्मचारी कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है? बाम्हनपाली चौक से आगे रायगढ़ के ओर कांटा घर के पास सड़क किनारे मृत गोवंश कई दिनों तक खुले में पड़ा रहा। स्थानीय रहवासी दुर्गंध और संक्रमण की आशंका के बीच परेशान रहे,लेकिन नगर पालिका का जिम्मेदार अमला मौके पर नहीं पहुंचा।
जानकारी के अनुसार,रहवासी,राहगीरों और स्थानीय लोगों ने कई बार मृत गोवंश को हटाने की मांग की। एक पत्रकार ने भी नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार पार्षद,पत्रकार साथी अरुण चौधरी को पूरे मामले से अवगत कराते हुए अंतिम संस्कार कराने का आग्रह किया। इसके बाद संज्ञान लेते हुए शनिवार सुबह मृत गोवंश का अंतिम संस्कार कराया गया।
हालांकि,इस पूरी घटना ने नगर पालिका परिषद के लापरवाह अधिकारी कर्मचारी कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं?सवाल यह है कि जब सार्वजनिक सड़क पर मृत गो वंश कई दिनों तक पड़ा रहा,तब नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी आखिर किस जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे थे? क्या नागरिकों की शिकायतों पर कार्यवाही करना अब केवल जनप्रतिनिधियों या पत्रकारों की पहल पर ही संभव है?
खुले में पड़े मृत गो वश से न केवल दुर्गंध फैल रही थी,बल्कि संक्रमण और दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ था। इसके बावजूद नगर पालिका के अधिकारी कर्मचारी निष्क्रियता स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी का कारण बनी।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि सूचना मिलने के बाद भी नगर पालिका समय पर कार्यवाही नहीं करती,तो आम नागरिक आपात स्थिति में किस पर भरोसा करें?
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नगर पालिका परिषद ऐसे मामलों के लिए त्वरित कार्यवाही की व्यवस्था सुनिश्चित करे तथा लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाए,ताकि भविष्य में ऐसी संवेदनहीनता दोबारा देखने को न मिले…




