
भारत सरकार द्वारा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम रजिस्ट्रेशन के लिये नवीन वर्गीकरण
रायगढ़ । सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम का नवीन वर्गीकरण किया है। ऐसा सूक्ष्म उद्यम, जहां संयंत्र और मशीनरी या उपस्कर में विनिधान एक करोड़ रुपये से अधिक नहीं है और आवर्तन पांच करोड़ रुपये से अधिक नहीं है। ऐसा लघु उद्यम जहां संयंत्र और मशीनरी या उपस्कर में विनिधान दस करोड़ रुपये से अधिक नहीं है और आवर्तन पचास करोड़ रुपये से अधिक नहीं है। ऐसा मध्यम उद्यम, जहां संयंत्र और मशीनरी या उपस्कर में विनिधान पचास करोड़ से अधिक नहीं है और आवर्तन दो सौ पचास करोड़ रुपये से अधिक नहीं है।
कोई व्यक्ति जो सूक्ष्म, लघु या मध्यम उद्यम स्थापित करने की आशय रखता है, स्व-घोषणा के आधार पर उद्यम रजिस्ट्रीकरण पोर्टल (udyamregistration.gov.in) में ऑनलाईन उद्यम रजिस्ट्रीकरण के लिये आवेदन कर सकेगा। ईएम-भाग-।। या यूएएम (Udyog Aadhar Memorandum) के अधीन रजिस्ट्रीकृत सभी विद्यमान उद्यम 01 जुलाई 2020 को या उसके पश्चात रजिस्ट्रीकरण पोर्टल पर फिर से रजिस्ट्रीकरण करेंगे। उद्यम रजिस्ट्रीकरण फाइल करने के लिये कोई फीस नही होगी। ऐसे उद्यम जिनके आवर्तन (Turnover) संबंधी आंकड़े, जिनके पास पैन नहीं है, को 31 मार्च 2021 तक की अवधि के लिये स्व-घोषणा के आधार पर माना जायेगा और उसके पश्चात पैन और जीएसटीआईएन अनिवार्य होगा। 30 जून 2020 तक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम संयंत्र मंत्रालय में रजिस्ट्रीकृत सभी विद्यमान उद्यमों को इस अधिसूचना के अनुसार फिर से वर्गीकृत किया जायेगा साथ ही 30 जून 2020 से पहले रजिस्ट्रीकृत विद्यमान उद्यम केवल 31 मार्च 2021 तक की अवधि के लिये विधिमान्य होंगे। अत: रजिस्ट्रीकृत विद्यमान उद्यम 31 मार्च 2021 तक उद्यम रजिस्ट्रीकरण पोर्टल पर अनिवार्यत: रजिस्ट्रीकरण कर लेवें।



