विदेश मंत्री एस जयशंकर बोले- चीन ने LAC पर सैनिक बढ़ाने के पांच अलग-अलग कारण बताएं

नई दिल्ली। भारत-चीन के बीच पूर्वी लद्दाख सीमा पर जारी विवाद थमता नहीं नजर आ रहा है चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा और एक बार फिर अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। चीन, भारत की सीमा में लगातार घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा है और अब उसने लाइन ऑफ एक्चुएल कंट्रोल (LAC) पर हजारों की संख्या में हथियार बंद सेना तैनात करदी है।
चीन ने वास्तविक नियंत्रण सीमा पर इतनी संख्या में सेना तैनात करने के पीछे पांच अलग-अलग तरह की वजहें बताते हुए सफाई दी हैं। इस बारे में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि चीन ने एलएसी पर सेना तैनाती को लेकर भारत को पांच अलग-अलग कारण बताते हुए सफाई दी हैं।
उन्होंने कहा कि चीन की तरफ से द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन करने के बाद से दोनों देश एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि इस साल 15 जून में हुए गलवान झगड़े में 20 भारतीय जवान शहीद हुए हैं, जिसने पूरे देश की भावनाओं को बदल दिया है।
एलएसी पर हजारों सैनिक
एस जयशंकर ने ऑस्ट्रेलियन थिंक टैंक लोय इंस्टिट्यूट के साथ ऑनलाइन संवाद के दौरान कहा, “चीन के साथ हमारे संबंधों में हम यकीनन सबसे मुश्किल दौर में हैं, निश्चित तौर पर पिछले 30-40 साल या उससे भी अधिक समय से ज्यादा।लद्दाख में एलएसी पर चीन वास्तव में हजारों सैनिकों को पूरी सैन्य तैयारी के साथ ले आए हैं। स्वभाविक है कि इसका संबंधों पर बहुत बुरा असर होगा ही होगा।
द्वीपक्षीय संबंधों पर असर
एस जयशंकर ने आगे कहा, “पिछले 30 सालों में द्वीपक्षीय संबंधों में काफी सकारात्मक बदलाव हुए हैं, जिनमें चीन का भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर बनना और पर्यटन शामिल है। ये दोनों ट्रेड पार्टनरशिप इस बात पर निर्भर थी कि दोनों पक्ष सीमा विवाद को सुलझाते हुए बॉर्डर पर शांति बनाए रखेंगे। लेकिन अब चीन अशांति फैला रहा है इसी वजह से दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहद खराब हो गए हैं।”
चीन की पाकिस्तान के साथ योजना
बताते चलें कि भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए चीन पाकिस्तान के साथ मलकर योजनायें बना रहा है। जानकारी मिल रही है कि चीन ने अब पाकिस्तान की सेना के साथ सैन्य अभ्यास करने की योजना बनाई है और इसके लिए उसने गुजरात सीमा के पास बने पाकिस्तानी एयरबेस के लिए लड़ाकू विमान और सैनिक रवाना भी कर दिया है।
इस युद्ध अभ्यास को लेकर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने अपने बयान में कहा है चीनी वायु सैनिकों ने अभ्यास शाहीन (ईगल) IX में भाग लेने के लिए पाकिस्तान के भोलारी में मौजूद पाकिस्तानी वायु सेना के एयरबेस के लिए उड़ान भरी है। बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान और चीनी वायु सेना का संयुक्त अभ्यास है, यह अभ्यास दिसंबर के अंत में समाप्त होगा।




