
बेटी ने दी अर्थी को कांधा एवं मुखाग्नि…
संतोष यादव@ खरसिया-
घर में किसी की मृत्यु होने पर बेटे शव को कंधा देते हुए श्मशान घाट ले जाते हैं और घर के बेटे या परिजन ही मुखाग्नि देते हैं। यही हमारे समाज युगों से प्रचलित प्राचीन परंपरा है। हालांकि अब कुछ एक जगहों से बेटों की जगह बेटियों के मुखाग्नि देने की खबर सामने आने लगी है।
खरसिया नगर के इतिहास में यह पहली बार देखने को मिला कि कोई बेटी अपने मृत पिता के अर्थी को कंधा देते हुए मुक्तिधाम पहुंची और वहां अपने पिता के अंतिम संस्कार के समस्त कर्मकांड निष्पादन करते हुए अपनी मृत पिता को मुखाग्नि दी।
इस पर पर ब्राम्हण समाज के अलावा नगर के सभी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर स्वर्गीय निरंजन शर्मा को अपनी विनम्र श्रद्धाजंलि अर्पित की।
विदित हो कि स्थानीय दिनदयाल आवासीय कालोनी निवासी एवं सेवानिवृत्त मुख्य नगर पालिका अधिकारी निरंजन प्रसाद शर्मा का कल दिनांक 20.08.2021 को रायपुर में 70 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है।
स्वर्गीय निरंजन शर्मा के तीन पुत्रियॉं थी। परिवार जनों के साथ सामाजिक बंधुओं ने भी सहयोग और अंत्येष्टि में शामिल हुए।
आज खरसिया के इतिहास में पहली बार किसी बेटी ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया एवं उनके अंतिम संस्कार के समस्त कर्मकांड को स्वयं पूर्ण करते हुए अपने पिता को मुखाग्नि दी।




