खरसिया नगर पालिका में मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति: अब राजनीति नहीं,जवाबदेही की परीक्षा…

खरसिया। छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार नगर पालिका खरसिया में पाँच मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति कर दी गई है। आदेश में श्रीमती सरिता साहिस,शशिभूषण राठौर,रतन अग्रवाल,संजय अग्रवाल तथा राकेश धृतलहरे को मनोनीत पार्षद बनाया गया है। इसके साथ ही नगर पालिका की कार्यप्रणाली में एक नया अध्याय जुड़ गया है।
यह नियुक्ति केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व का विस्तार भर नहीं है,बल्कि नगर के विकास की दिशा में अतिरिक्त जिम्मेदारी का अवसर भी है। मनोनीत पार्षदों का उद्देश्य सदन में अनुभव, सामाजिक सहभागिता और जनहित के सुझावों को स्थान देना होता है। ऐसे में अब जनता की अपेक्षा होगी कि ये नियुक्तियाँ केवल औपचारिकता तक सीमित न रहें,बल्कि नगर की वास्तविक समस्याओं—स्वच्छता,पेयजल, यातायात,सड़क,प्रकाश व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं—के समाधान में सार्थक भूमिका निभाएँ।
लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति जनविश्वास है। यह विश्वास केवल नियुक्ति-पत्र से नहीं, बल्कि कार्य, पारदर्शिता और संवेदनशील निर्णयों से अर्जित होता है। खरसिया नगर की जनता अब यह देखेगी कि नए मनोनीत पार्षद सदन में कितनी प्रभावी आवाज़ बनते हैं और नगरहित के मुद्दों पर कितनी गंभीरता से अपनी भूमिका निभाते हैं।

आने वाले समय में इन पाँचों मनोनीत पार्षदों के सामने सबसे बड़ी चुनौती राजनीतिक पहचान से ऊपर उठकर जनसेवा की नई मिसाल प्रस्तुत करने की होगी। यदि उनकी प्राथमिकता केवल सत्ता का विस्तार नहीं, बल्कि नागरिकों की अपेक्षाओं का सम्मान बनी,तो यह निर्णय खरसिया के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। आखिरकार,इतिहास नियुक्तियों को नहीं,बल्कि जनहित में किए गए कार्यों को याद रखता है।

