
चपले-कुनकुनी-रानीसागर के बीच उड़ती धूल से बेहाल राहगीर, फिसलकर गिरा बाइक सवार…
खरसिया। राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर खरसिया क्षेत्र के चपले, कुनकुनी और रानीसागर के बीच सफर करना इन दिनों वाहन चालकों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं है। सड़क की स्थिति और उस पर उड़ती धूल ने दोपहिया वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि कुछ दूर का सफर तय करते-करते वाहन चालक धूल से इस कदर सराबोर हो जा रहे हैं कि चेहरा पहचानना मुश्किल हो जाए।
मामला केवल आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है। बारिश के बीच सड़क पर फिसलने का खतरा अलग,धूप खिला तो हवा के साथ आंखों में घुसती धूल अलग और सामने से गुजरते भारी वाहनों के कारण उड़ता गुबार अलग। इसका सीधा असर दोपहिया और चारपहिया दोनों वाहन चालकों पर पड़ रहा है। विशेष रूप से दोपहिया चालकों के लिए अचानक उड़ती धूल दृश्यता को प्रभावित कर रही है, जिससे दुर्घटना का जोखिम बढ़ रहा है।
सड़क पर झाड़ू लगाने वाली महिलाओं की सुरक्षा भी सवालों में…
सबसे गंभीर स्थिति पास के औद्योगिक घराने के वाहनों के चक्को का कोयला मिश्रित कीचल सड़क पर आ रहा है उसके सफाई में लगी महिलाओं की टोली को लेकर है। एन एच 49 सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही के बीच यदि धूल का गुबार और वाहनों की रफ्तार इसी तरह बनी रही तो सफाईकर्मियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। सवाल यह है कि क्या सड़क की सफाई व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें सफाई करने वाले ही सड़क पर गुजरते वाहनों की चपेट में आने के जोखिम में रहें?
आज ढलती शाम में खड़े वाहनों के बीच फिसला बाइक सवार…

आज ढलती शाम का एक दृश्य व्यवस्था की खामियों पर सवाल खड़ा करता नजर आया। सड़क किनारे एक के पीछे एक वाहन खड़े थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहा प्लेटिना मोटरसाइकिल सवार फिसलकर सड़क पर गिर गया और चोटिल हो गया। गनीमत रही कि युवक को मामूली चोटिल हुआ।

यह घटना चेतावनी है कि सड़क पर अव्यवस्था,धूल,फिसलन और किनारे खड़े वाहनों का यह मेल किसी भी वक्त गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।
जिम्मेदार कौन? हादसे के बाद जागेगा प्रशासन?
सवाल यह नहीं कि गलती किसकी है, सवाल यह है कि हादसा होने से पहले व्यवस्था क्यों नहीं सुधारी जा रही? राष्ट्रीय राजमार्ग 49 पर आवागमन करने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा किसी भी निर्माण या रखरखाव व्यवस्था से बड़ी जिम्मेदारी है।
यदि सड़क पर धूल नियंत्रण,सफाई, जल निकासी,सुरक्षित कार्यक्षेत्र और वाहनों के व्यवस्थित आवागमन की व्यवस्था समय रहते नहीं की गई तो आज का मामूली हादसा कल किसी बड़े हादसे की शक्ल ले सकता है।
सड़क विकास का रास्ता है,लेकिन विकास के नाम पर राहगीरों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। NH-49 पर जिम्मेदार एजेंसियों को अब कागजी निरीक्षण नहीं,बल्कि मौके पर उतरकर वास्तविक स्थिति देखनी होगी।




