1 जनवरी से फास्टैग नहीं होने से टोल नाकों पर वाहनों से लिया जाएगा दोगुना टैक्स

भोपाल . अगले वर्ष 1 जनवरी से बिना फास्टैग लगे वाहनों को राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा से पास नहीं होने दिया जाएगा. जिन चालकों की गाडिय़ों में फास्टैग नहीं होगा, उनसे नकद दोगुना (guna) टैक्स वसूला जाएगा, साथ ही वहीं पर फास्टैग खरीदवाया जाएगा. इस आशय के दिशा-निर्देश सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने देशभर में फैली नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) की इकाइयों को जारी किए हैं. मंत्रालय ने कहा है कि इस हिसाब से सभी इकाइयां टोल वसूलने वाली कंपनियों को तैयारियां करने के निर्देश दें.
मंत्रालय पहले ही फैसला ले चुका है कि एक जनवरी 2021 से राष्ट्रीय राजमार्गों की सभी लेन फास्टैग लेन होंगी और कहीं भी नकद लेन नहीं होगी. अब तक राष्ट्रीय राजमार्गों पर दोनों दिशाओं में एक-एक लेन नकद के लिए रखी जाती है, लेकिन नए साल से उसे भी बंद करने की तैयारी है. इसके लिए एनएचएआइ की स्थानीय इकाइयां संबंधित जिला और पुलिस (Police) प्रशासन से भी समन्वय करेंगी, ताकि कहीं भी कानून व्यवस्था न बिगड़े. प्रशासन को 1 जनवरी से लागू की जा रही नई व्यवस्था के बारे में अवगत कराया जाएगा, ताकि जरूरत पडऩे पर उनसे मदद ली जा सके.
कतारें लगने का अंदेशा
आधिकारिक सूत्र मान रहे हैं कि 1 जनवरी से राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर फास्टैग लगवाने वालों की कतारें लग सकती हैं. इससे दूसरे वाहन चालकों को भी परेशानी हो सकती है और टोल प्लाजा पर फास्टैग बेचने के लिए बनाए गए काउंटर पर भी लोगों की भीड़ बढऩे का अंदेशा है. कोरोना काल के कारण फास्टैग खरीदने आए लोगों से प्रोटोकॉल का पालन कराने को कहा गया है. इस संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि काउंटरों पर मांग के अनुसार फास्टैग उपलब्ध हों.
टोल प्लाजा, बैंक (Bank) और ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं फास्टैग
एनएचएआइ अफसरों ने बताया कि विभाग टोल प्लाजा पर काउंटर के लिए फास्टैग का तो उपयोग कर ही रहा है, उसके अलावा नागरिक विभिन्न बैंकों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी फास्टैग खरीद सकते हैं. वे पेटीएम और एमेजॉन आदि से फास्टैग ले सकते हैं. हर प्लेटफॉर्म की दरें अलग-अलग हैं, लेकिन सामान्यत: टोल प्लाजा काउंटर पर 100 रुपये का फास्टैग, 200 रुपये सिक्यूरिटी चार्ज और 200 रुपये का बैलेंस मिलाकर लगभग 500 रुपये लोगों से लिए जाते हैं.
एक साल से योजना जारी
एनएचएआइ की फास्टैग योजना पूरे देश में करीब एक साल से चल रही है. इस योजना से वाहन मालिकों को जोडऩे ऑनलाइन कंपनियों, शासकीय बैंकों, टोल नाकों और एनएचएआइ के विभिन्न कार्यालयों से वाहन मालिकों ने निर्धारित शुल्क देकर फास्टैग खरीदी की है.



