
रायगढ़-खरसिया एनएच-49 पर फिर हुआ भीषण हादसा, मौके से गुजर रहे थाना प्रभारी ने रुककर संभाली राहत व्यवस्था
खरसिया। रायगढ़-खरसिया राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर स्थित सेन्द्रीपाली-काजूबाड़ी के समीप आज ढलती शाम एक भीषण सड़क दुर्घटना ने एक बार फिर इस मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। तेज रफ्तार कार (क्रमांक सीजी 13 एटी 6144) अचानक अनियंत्रित होकर सड़क के बीच बने डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार कई फीट तक हवा में उछलकर दूर जा गिरी और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें दो की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
धमाके जैसी आवाज से गूंज उठा इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना इतनी भयावह थी कि टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी। धमाके की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। क्षतिग्रस्त कार में सवार लोग वाहन के भीतर फंसे हुए थे और मदद के लिए पुकार रहे थे। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए पुलिस और डायल-112 को सूचना दी तथा प्राथमिक स्तर पर राहत कार्य शुरू कर दिया।
थाना प्रभारी ने दिखाई तत्परता, तत्काल शुरू कराया बचाव अभियान
संयोगवश उसी समय खरसिया थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव एवं आरक्षक विसोब सिंह एनएच-49 से होकर गुजर रहे थे। दुर्घटना देखते ही उन्होंने तत्काल अपना वाहन रुकवाया और बिना किसी औपचारिकता के राहत एवं बचाव कार्य की कमान संभाल ली। कुछ ही देर में डायल-112 की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
पुलिस जवानों और स्थानीय नागरिकों ने संयुक्त प्रयास से काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे सभी घायलों को बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराते हुए सभी घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। चिकित्सकीय सूत्रों के अनुसार दो घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य दो का इलाज जारी है।
एनएच-49 का यह हिस्सा लगातार बन रहा हादसों का हॉटस्पॉट
सेन्द्रीपाली-काजूबाड़ी के समीप एनएच-49 का यह क्षेत्र लंबे समय से दुर्घटना संभावित स्थल के रूप में पहचाना जाता रहा है। सड़क किनारे स्थित चाय गुमटी,टायर दुकान, यूरिया टंकी,ढाबा तथा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के कारण यहां वाहनों का ठहराव और आवाजाही लगातार बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस स्थान पर पूर्व में भी अनेक गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें आम लोगों के अलावा अधिकारी,कर्मचारी और पुलिसकर्मी के परिवारजन भी घायल हुए हैं तथा कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्व में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए डिवाइडर की स्थिति में कुछ बदलाव किए गए थे, लेकिन सड़क सुरक्षा के व्यापक उपाय अब भी अधूरे हैं। सड़क किनारे अव्यवस्थित रूप से खड़े वाहनों, तेज रफ्तार यातायात और प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन के अभाव के कारण यह क्षेत्र आज भी दुर्घटनाओं का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग
एक के बाद एक हो रही दुर्घटनाओं से चिंतित स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से इस पूरे क्षेत्र का तकनीकी सर्वे कराने, गति नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय लागू करने, सड़क किनारे अवैध एवं अव्यवस्थित पार्किंग पर सख्ती से रोक लगाने,पर्याप्त चेतावनी संकेतक एवं हाईवे सुरक्षा अवसंरचना विकसित करने तथा नियमित यातायात निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस दुर्घटना संभावित स्थल पर स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में भी इसी तरह के गंभीर हादसे होते रहेंगे और निर्दोष लोगों की जान जोखिम में पड़ती रहेगी।




