खस्ताहाल सड़क पर सवाल: नेता रोज गुजरते हैं, फिर भी कुर्रुभांठा–बिंजकोट मार्ग क्यों बदहाल?

खरसिया। स्टेट हाईवे-200 से बिंजकोट को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क इन दिनों अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे, जलभराव और उखड़ी डामर की परतें राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं, किसानों, मरीजों और रोजाना आवागमन करने वाले ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही है।

विडंबना यह है कि इसी मार्ग से जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों का भी नियमित आवागमन होता है। सांसद,जिला पंचायत सदस्य का गांव भी इसी सड़क से जुड़ा हुआ है, लेकिन सड़क की दुर्दशा वर्षों से जस की तस बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब जनप्रतिनिधि स्वयं इस रास्ते से गुजरते हैं, तो फिर मरम्मत के लिए पहल क्यों नहीं हो रही?
बरसात शुरू होते ही सड़क गड्ढों का जाल बन गई है। दोपहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। स्कूली बच्चे कीचड़ और पानी से भरे गड्ढों के बीच होकर स्कूल पहुंच रहे हैं, जबकि किसानों को कृषि उपज और आवश्यक सामग्री के परिवहन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत और मांग के बावजूद न तो सड़क की मरम्मत हुई और न ही जिम्मेदार विभाग ने कोई स्थायी समाधान निकाला। करोड़ों रुपये की योजनाओं के दावों के बीच यह सड़क विकास के दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।

अब क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल सड़क की गुणवत्ता पूर्ण मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित में आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
जनता का सवाल:
“जब नेता इसी सड़क से गुजरते हैं, तो आखिर जनता की यह पीड़ा उन्हें दिखाई क्यों नहीं देती?”



