गोवर्धन लीला के दिव्य प्रसंग से भक्तिरस में सराबोर हुआ रायपुर, खरसिया क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने लिया कथा श्रवण का लाभ

रायपुर। रायपुर की पावन धरा पर परम पूज्य इंद्रेश महाराज जी के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही श्रीमद्भागवत कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा का रसपान कर रहे हैं। भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं,भक्ति,प्रेम और आध्यात्मिक संदेशों से ओत-प्रोत कथा ने आयोजन स्थल के वातावरण को भक्तिमय बना दिया है।

कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की अलौकिक गोवर्धन लीला का वर्णन किया गया। इस दिव्य प्रसंग का श्रवण करने के लिए रायगढ़ जिला के खरसिया चपले क्षेत्र से श्रीमद्भागवत कथा के रसिक गेंद लाल,कृष्णा चंद पटेल,शोभाराम नायक,भानु प्रताप पटेल एवं दयालु पटेल रायपुर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने परम पूज्य इंद्रेश महाराज जी के श्रीमुख से कथा का श्रवण किया।
गोवर्धन लीला के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति,आस्था और समर्पण के भाव से भर दिया। कथा में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण करने की लीला के माध्यम से प्रकृति के प्रति सम्मान,सामूहिक आस्था और प्रभु की शरण में विश्वास का संदेश सामने आया। श्रद्धालुओं ने इस दिव्य प्रसंग का श्रवण करते हुए स्वयं को भक्तिरस में भाव-विभोर अनुभव किया।

परम पूज्य इंद्रेश महाराज जी की अमृतमयी वाणी से कथा के आध्यात्मिक संदेश श्रद्धालुओं के अंतर्मन को स्पर्श कर रहे हैं। कथा श्रवण के उपरांत श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे संत सानिध्य और श्रीमद्भागवत के श्रवण का अवसर जीवन में आध्यात्मिक चेतना और आत्मिक शांति का अनुभव कराता है।

रायपुर की पावन धरा पर चल रही यह श्रीमद्भागवत कथा श्रद्धालुओं के लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक चिंतन से जुड़ने का अवसर भी बन रही है।
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