खरसिया में कृषि आदान विक्रेताओं पर विभाग की सख्ती,तीन कीटनाशी केंद्रों को कारण बताओ नोटिस

खरसिया।किसानों को गुणवत्तायुक्त और प्रामाणिक कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने खरसिया विकासखंड में कीटनाशी विक्रय केंद्रों के खिलाफ सघन जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में 9 सितंबर को जिला एवं विकासखंड स्तरीय संयुक्त कृषि जांच दल ने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कीटनाशी विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच में अनुज्ञप्ति शर्तों और विभागीय निर्देशों में कमियां पाए जाने पर तीन प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग की टीम ने संबंधित प्रतिष्ठानों की वैध अनुज्ञप्ति, भंडारण व्यवस्था, भौतिक स्टॉक, मूल्य सूची के प्रदर्शन तथा आवश्यक रजिस्टर और अभिलेखों की जांच की। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को निर्धारित मानकों के अनुरूप कृषि सामग्री उपलब्ध हो और विक्रय केंद्रों में नियमों का पालन हो।
जांच के दौरान भारतीय ग्रामीण कृषि केंद्र, बोतल्दा में लाइसेंस शर्तों के अनुसार रिकॉर्ड संधारण एवं व्यवस्थाओं में कमियां पाई गईं। वहीं उमेश कृषि केंद्र, बकेली में अनुज्ञप्ति निर्देशों के अनुरूप अभिलेख एवं स्टॉक विवरण स्पष्ट नहीं पाए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा गया। इसी तरह समृद्ध कृषि केंद्र, चोढ़ा में वैधानिक नियमों एवं लाइसेंस प्रावधानों के अनुपालन में विचलन मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को निर्धारित समय-सीमा में अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार यदि प्राप्त स्पष्टीकरण समाधानकारक नहीं पाया जाता है, तो संबंधित फर्मों के विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशी नियम, 1971 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसमें अनुज्ञप्ति के निलंबन अथवा रद्दीकरण जैसी कार्यवाही भी शामिल हो सकती है।
लगातार जारी रहेगी निगरानी
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल तीन प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं है। खरसिया विकासखंड के सभी कृषि आदान विक्रय केंद्रों पर निगरानी आगे भी जारी रहेगी। विभाग का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा और गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जांच दल में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नीलाम्बर प्रसाद सिदार,कीटनाशी निरीक्षक जन्मेजय पटेल,पुरुषोत्तम चौधरी, ब्लॉक कीटनाशक निरीक्षण टीम में शामिल रहे। विभागीय अभियान से कृषि आदान विक्रेताओं में नियमों के अनुपालन को लेकर सतर्कता बढ़ने की उम्मीद है।



