खड़गे ने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को दी शुभकामनाएं, कहा—संविधान और समानता की रक्षा सबसे बड़ा संकल्प

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल अंग्रेजी हुकूमत से मुक्ति का नाम नहीं, बल्कि संविधान से मिले अधिकारों, सम्मान, समानता और न्याय की रक्षा का संकल्प भी है।

खड़गे ने अपने संदेश में कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को देश विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है। उन्होंने कहा कि पिछले 79 वर्षों की यात्रा उपलब्धियों, संघर्षों और संकल्पों से भरी रही है। देश ने बहुत कुछ हासिल किया है, लेकिन राष्ट्र के रूप में अभी भी कई लक्ष्य प्राप्त करना बाकी हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने संविधान को लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला बताते हुए कहा कि संविधान ने प्रत्येक भारतीय को सम्मान, स्वाभिमान, समानता और अपनी बात कहने का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति और हर नागरिक का सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।

उन्होंने बीते एक दशक में संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक सद्भाव के सामने खड़ी चुनौतियों का भी उल्लेख किया। खड़गे ने युवाओं को अवसर, किसानों की मेहनत को सम्मान, महिलाओं को समान अधिकार और मजबूत भागीदारी तथा दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को संविधान में निहित समानता एवं न्याय का पूरा अधिकार मिलने की आवश्यकता पर जोर दिया।
खड़गे ने कहा कि इस स्वतंत्रता दिवस पर सबसे बड़ा संकल्प उम्मीद का होना चाहिए। उन्होंने युवाओं के सपनों, किसानों के परिश्रम, महिलाओं के साहस और करोड़ों भारतीयों के उस विश्वास को देश की ताकत बताया कि भारत मिलकर हर चुनौती का सामना कर सकता है और सही दिशा में आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने देशवासियों से ऐसी आजादी की रक्षा करने का आह्वान किया, जिसमें हर आवाज को सम्मान मिले, हर सपने को अवसर मिले और प्रत्येक भारतीय को आगे बढ़ने का समान अधिकार प्राप्त हो।
“जय हिंद” के साथ संदेश का समापन करते हुए खड़गे ने स्वतंत्रता दिवस को संविधान, लोकतंत्र, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों के प्रति पुनः प्रतिबद्ध होने का अवसर बताया।




