
खरसिया। बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य और बढ़ती जलवायु चुनौतियों के बीच खरसिया वन परिक्षेत्र अंतर्गत सोनबरसा के ग्राम भैंनापारा में आयोजित वन महोत्सव केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के संरक्षण का एक सामूहिक संकल्प बनकर उभरा। आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस अभियान के तहत वन विभाग ने हरियाली के विस्तार और जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की।

वन विभाग द्वारा कैंपा मद के अंतर्गत कक्ष क्रमांक 1194 पीएफ की 18.45 हेक्टेयर वन भूमि में 18,450 मिश्रित प्रजातियों के पौधों—कचनार,सागौन,जामुन,आम एवं खम्हार—के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह परियोजना केवल वृक्ष लगाने तक सीमित नहीं है,बल्कि अगले दस वर्षों तक उनके संरक्षण, सिंचाई,फेंसिंग और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे पौधे स्वस्थ वृक्ष बनकर क्षेत्र की पारिस्थितिकी को समृद्ध कर सकें।
वन परिक्षेत्राधिकारी श्रीमती लीला पटेल ने बताया कि सोनबरसा,भैंनापारा और गीधा की चयनित वन भूमि पर यह व्यापक वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जा रहा है। शासन द्वारा स्वीकृत इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य केवल हरित आवरण बढ़ाना नहीं,बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और संतुलित पर्यावरण की आधारशिला रखना भी है।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से संचालित “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत अपने-अपने नाम की पट्टिका के साथ पौधारोपण किया और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षण देने का संकल्प लिया। यह संदेश इस बात को रेखांकित करता है कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी केवल सरकारी योजनाओं की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।

मुख्य अतिथि खरसिया जनपद उपाध्यक्ष डॉ. हितेश गवेल ने अपने संबोधन में कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की आवश्यकता नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के अस्तित्व का आधार हैं। उन्होंने ग्रामीणजनो से अपील की कि लगाए गए प्रत्येक पौधे को अपने परिवार के सदस्य की तरह संरक्षित करें। वहीं जिला पंचायत सदस्य बलदेव कुर्रे ने पौधों के संवर्धन और उनकी सुरक्षा में जनसहभागिता को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
यदि इस परियोजना का संरक्षण निर्धारित योजना के अनुरूप हुआ तो अगले तीन से पाँच वर्षों में यह क्षेत्र घने हरित आवरण में परिवर्तित होकर न केवल पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करेगा,बल्कि भू-जल संरक्षण,जैव विविधता और स्थानीय जलवायु सुधार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

वन महोत्सव में जनपद पंचायत सदस्य प्रतिनिधि लक्ष्मी पटेल, सरपंच अनहित भैंनाजी, शुकवारीन सिदार, मोती महंत, योगेंद्र सिंह पांडे, ओमप्रकाश राठौर, शिवचरण महिष, रिंकू महंत, सुरेश चौहान, प्रियंका चौहान, मनोज कुमारी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं, ग्रामवासी तथा वन विभाग के परिक्षेत्र सहायक विजय दीक्षित, टंकेश्वर राठिया, गोवर्धन राठौर, परिसर रक्षक एवं विभागीय कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

प्रकृति का संदेश स्पष्ट है—आज लगाया गया एक पौधा,आने वाले कल की शुद्ध हवा, सुरक्षित जल और संतुलित जीवन का आधार बनता है। वन महोत्सव तभी सफल होगा, जब हर रोपा गया पौधा एक सशक्त वृक्ष के रूप में भविष्य की पीढ़ियों को हरियाली का उपहार दे सके।



