खरसिया को चाहिए नया PWD रेस्ट हाउस: जीर्ण व्यवस्था नहीं, दूरदर्शी विकास चाहिए…

खरसिया।किसी शहर की प्रगति का आकलन केवल सड़कों, पुलों और भवनों से नहीं होता, बल्कि उसकी प्रशासनिक अधोसंरचना भी विकास की तस्वीर का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इसी दृष्टि से खरसिया का दशकों पुराना लोक निर्माण विभाग (PWD) रेस्ट हाउस अब पुनर्विचार की मांग करता दिखाई देता है। लंबे समय से उपयोग में आ रहे इस भवन की वर्तमान स्थिति को देखते हुए सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या मरम्मत और अस्थायी सुधारों के सहारे पुरानी व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाए या फिर बदलते खरसिया की जरूरतों के अनुरूप एक नए रेस्ट हाउस की योजना तैयार की जाए।

खरसिया अब केवल एक पारंपरिक तहसील मुख्यालय नहीं रह गया है। औद्योगिक गतिविधियों, व्यापारिक विस्तार और बढ़ते शहरीकरण के साथ यहां प्रशासनिक एवं तकनीकी गतिविधियों का दायरा भी बढ़ रहा है। ऐसे में जिले और प्रदेश के अधिकारियों, अभियंताओं, तकनीकी विशेषज्ञों तथा अन्य प्रशासनिक प्रतिनिधियों के आगमन के लिए आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त शासकीय विश्रामगृह की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस होती है।
पुरानी इमारत से आगे देखने का समय
PWD रेस्ट हाउस जैसी शासकीय परिसंपत्ति केवल ठहरने का स्थान नहीं होती। आवश्यकता पड़ने पर यहां अधिकारियों की बैठकें,विभागीय समन्वय,निरीक्षण से जुड़े विचार-विमर्श और प्रशासनिक गतिविधियां भी होती हैं। ऐसे में भवन की क्षमता, सुविधाएं, रखरखाव,सुरक्षा,पार्किंग और बैठक व्यवस्था सभी महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

यदि मौजूदा भवन इन बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त नहीं है, तो बार-बार मरम्मत पर संसाधन खर्च करने के बजाय दीर्घकालीन विकल्प पर विचार किया जाना अधिक व्यावहारिक हो सकता है।
नए योजना की जरूरत
खरसिया में प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्माण नगर की यातायात व्यवस्था और भौगोलिक स्वरूप पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है। ओवरब्रिज के निर्माण के साथ उसके एप्रोच मार्ग,यातायात प्रवाह,आस-पास की भूमि के उपयोग और भविष्य की शहरी संरचना में बदलाव की संभावना है।

ऐसे समय में शहर की महत्वपूर्ण शासकीय परिसंपत्तियों के भविष्य को लेकर भी पहले से योजना बनाना जरूरी है। यदि PWD रेस्ट हाउस का स्थान वर्तमान या प्रस्तावित विकास के कारण भविष्य में कम उपयोगी होने वाला है, तो ओवरब्रिज निर्माण से पहले ही वैकल्पिक स्थल और नए भवन की संभावनाओं का तकनीकी परीक्षण किया जा सकता है।
अधिकारियों के कार्यालय परिसर के समीप एकीकृत व्यवस्था का प्रस्ताव
जनहित में एक विकल्प यह हो सकता है कि उच्च अधिकारियों के कार्यालय परिसर के समीप उपयुक्त शासकीय भूमि उपलब्धता का परीक्षण कर आधुनिक PWD रेस्ट हाउस के निर्माण की संभावनाएं तलाश की जाएं।
प्रस्तावित भवन में आधुनिक सुइट, बैठक कक्ष,कॉन्फ्रेंस हॉल,पर्याप्त पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, ऊर्जा दक्षता, डिजिटल कनेक्टिविटी और आवश्यक प्रशासनिक सुविधाओं को शामिल किया जा सकता है। इससे भविष्य में आने वाले अधिकारियों एवं तकनीकी दलों को बेहतर कार्य वातावरण मिल सकेगा।
हालांकि अंतिम स्थल चयन भूमि उपलब्धता,स्वामित्व,मास्टर प्लान, यातायात,सुरक्षा,पर्यावरणीय पहलुओं और संबंधित विभागों की तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
जनभावना को प्रस्ताव में बदलने की जरूरत
खरसिया के नागरिकों की अपेक्षा केवल एक नए भवन की नहीं, बल्कि ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था की है जो शहर के बदलते स्वरूप के अनुरूप हो। इसलिए इस विषय को केवल पुराने भवन की मरम्मत बनाम नए भवन के निर्माण के विवाद तक सीमित करने के बजाय व्यापक विकास योजना के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए।
जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग मौजूदा PWD रेस्ट हाउस की संरचनात्मक स्थिति, उपयोगिता, मरम्मत पर होने वाले संभावित खर्च और नए भवन की अनुमानित लागत का तुलनात्मक तकनीकी अध्ययन कराए। इसके बाद व्यवहार्यता के आधार पर शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा जा सकता है।
खरसिया को अब ऐसी प्रशासनिक अधोसंरचना चाहिए जो आज की जरूरत पूरी करने के साथ आने वाले वर्षों की आवश्यकताओं को भी पूरा कर सके। पुरानी व्यवस्था को केवल इसलिए ढोना कि वह वर्षों से चली आ रही है, विकास की दूरदर्शी सोच नहीं हो सकती। यदि तकनीकी और प्रशासनिक रूप से नया PWD रेस्ट हाउस उचित पाया जाता है, तो इसे खरसिया के दीर्घकालीन विकास की प्राथमिकताओं में शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
जनभावना अब प्रस्ताव का रूप ले और खरसिया को ऐसी आधुनिक प्रशासनिक सुविधा मिले,जो उसके वर्तमान महत्व और भविष्य की संभावनाओं के अनुरूप हो।



