लोकओएस ऐप से मजबूत होगा ग्रामीण आजीविका मिशन, एक माह का जिला स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न…

उत्कृष्ट ई-बुक कीपर दीदियों को प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मानित
डिजिटल लेखा प्रबंधन से स्व-सहायता समूहों में बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही
रायगढ़।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों और ग्राम संगठनों के डिजिटल सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला स्तरीय लोकओएस ऐप प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। कलेक्टर के निर्देश एवं सीईओ जिला पंचायत के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य स्व-सहायता समूहों के लेखा-जोखा को डिजिटल माध्यम से अधिक पारदर्शी, सुदृढ़ और व्यवस्थित बनाना था।
30 मई से प्रारंभ हुए इस विशेष प्रशिक्षण अभियान में जिले के सातों विकासखंडों के स्व-सहायता समूह एवं ग्राम संगठनों की इलेक्ट्रॉनिक बुक कीपर दीदियों को आठ अलग-अलग बैचों में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को लोकओएस ऐप के माध्यम से डिजिटल लेखा संधारण, वित्तीय अभिलेखों का रख-रखाव, लेखा प्रविष्टि एवं वित्तीय प्रबंधन की व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई।

समापन समारोह में सीईओ जिला पंचायत अभिजीत बबन पठारे ने कहा कि स्व सहायता समूहों और ग्राम संगठनों का सशक्त लेखा प्रबंधन ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की सफलता की आधारशिला है। उन्होंने सभी ई-बुक कीपर दीदियों से अपील की कि वे लोकओएस ऐप का प्रभावी उपयोग करते हुए समूहों के लेखा-जोखा का नियमित, समयबद्ध और त्रुटिरहित संधारण सुनिश्चित करें तथा अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर कार्य करते हुए अन्य समूहों के लिए प्रेरणा बनें। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह और ग्राम संगठन की इलेक्ट्रॉनिक बुक कीपर दीदियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं प्रशिक्षण को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राष्ट्रीय सामुदायिक संसाधन व्यक्ति एवं राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, हैदराबाद से आए प्रशिक्षक राजेश्वर रेड्डी और मो. वाहिद को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सामाजिक समावेशन प्रकोष्ठ के जिला परियोजना प्रबंधक अविक बासु की निगरानी में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को डिजिटल लेखा प्रणाली के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया, जिससे स्व सहायता समूहों और ग्राम संगठनों के वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को बढ़ावा मिलेगा। समापन अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रभारी अधिकारी एवं सहायक मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री महेश पटेल, वरिष्ठ लेखा अधिकारी ज्योति मौर्य, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में प्रशिक्षण प्राप्त ई-बुक कीपर दीदियां उपस्थित रहीं।




