कर्रानारा-बरगढ़ में दीवार विवाद ने लिया हिंसक रूप, दोनों पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत; पुलिस ने क्रॉस केस किया दर्ज

खरसिया। ग्राम कर्रानारा-बरगढ़ में निर्माणाधीन दीवार को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाते हुए पुलिस थाना खरसिया में अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों आवेदनों के आधार पर क्रॉस केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पहले पक्ष की ओर से साधनी यादव ने शिकायत में आरोप लगाया है कि 3 जुलाई 2026 की रात करीब 8:30 बजे पड़ोस में रहने वाले युवराज पटैल, शिवरात्री पटैल और सुदर्शन पटैल ने दीवार तोड़ने की बात को लेकर उनके साथ हाथ-मुक्कों और डंडे से मारपीट की। शिकायत में यह भी आरोप है कि उन्हें बाल पकड़कर घसीटा गया तथा जान से मारने की धमकी दी गई, जिससे उनके हाथ में चोट आई।
वहीं दूसरे पक्ष के युवराज पटैल ने अपने आवेदन में कहा है कि वह कार घर के अंदर ले जा रहे थे, इसी दौरान वाहन निर्माणाधीन दीवार से टकरा गया और कुछ ईंटें गिर गईं। उनका आरोप है कि इस बात से नाराज होकर लीलाराम यादव और उनकी पत्नी ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की तथा बीच-बचाव करने पहुंचे उनके और उनके परिवार के सदस्य के साथ भी धक्का-मुक्की की। शिकायत में दांत से काटकर घायल करने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर अपराध क्रमांक 0333/26 एवं 0334/26 दर्ज किए हैं। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296, 351(3) तथा 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
सिर्फ दीवार नहीं, संवाद भी टूटा
यह मामला केवल ईंट-पत्थर के नुकसान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पड़ोसियों के बीच मौजूद तनाव के हिंसक टकराव में बदलने की तस्वीर भी सामने लाता है। जिस विवाद का समाधान बातचीत से हो सकता था, वह आरोप-प्रत्यारोप और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया।
अब जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि दोनों पक्षों के दावों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सीय परीक्षण और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियों का निष्पक्ष निर्धारण किया जाए। पुलिस का कहना है कि विवेचना के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार आगे की वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।



