भूपदेवपुर पुलिस की दोहरी कार्यवाही: किरीतमाल में 17 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त, दो महिला आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत भूपदेवपुर पुलिस ने शनिवार को ग्राम किरीतमाल में एक साथ दो स्थानों पर दबिश देकर 17 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब जब्त की। कार्यवाही के दौरान दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) एवं 59(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान का नेतृत्व थाना प्रभारी उप निरीक्षक संजय नाग ने किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम किरीतमाल में अवैध महुआ शराब का संग्रहण और विक्रय किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने योजनाबद्ध ढंग से दो स्थानों पर एक साथ दबिश दी।
पहली कार्यवाही में नुकसाना सिदार के घर के पीछे स्थित बाड़ी की तलाशी ली गई। पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद कुछ लोग मौके से भाग निकले। तलाशी के दौरान दो प्लास्टिक जरीकेन से कुल 10 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत एक हजार रुपये आंकी गई। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई।
दूसरी कार्यवाही में रथबाई भारद्वाज के घर पर दबिश दी गई। यहां भी पुलिस की मौजूदगी देखते ही कुछ लोग फरार हो गए। तलाशी के दौरान एक जरीकेन और एक प्लास्टिक बोतल से कुल 7 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 700 रुपये बताई गई। इस मामले में भी आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
दोनों कार्यवाहियों में कुल 17 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब, जिसकी अनुमानित कीमत 1,700 रुपये है, जब्त की गई। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण और बिक्री के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी उप निरीक्षक संजय नाग के साथ प्रधान आरक्षक जगदीश नायक, संजय तिर्की तथा आरक्षक गोवर्धन प्रसाद सिदार, संतोष जायसवाल एवं महिला आरक्षक कलिस्ता कुजूर की सक्रिय भूमिका रही।
अवैध शराब केवल कानून का उल्लंघन भर नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को कमजोर करने वाली गंभीर चुनौती भी है। इसकी चपेट में सबसे पहले गरीब परिवार आते हैं, जहां नशे की लत घरेलू कलह, आर्थिक संकट और अपराध को जन्म देती है। भूपदेवपुर पुलिस की यह कार्रवाई केवल 17 लीटर शराब की जब्ती नहीं, बल्कि गांवों में कानून के प्रति विश्वास कायम करने और समाज को नशे के दुष्चक्र से मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे अभियानों की निरंतरता और जनसहयोग ही अवैध शराब के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगा सकता है।



