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राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सम्मानित,रायगढ़ पुलिस के लिए गौरव का क्षण

रायगढ़। स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर रायगढ़ पुलिस के लिए वह क्षण इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया,जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को उनकी सराहनीय पुलिस सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। रायपुर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। यह केवल एक पुलिस अधिकारी के कंधों पर सजा पदक नहीं, बल्कि वर्षों की तपस्या, कर्तव्य के प्रति अडिग निष्ठा और विपरीत परिस्थितियों में निभाई गई जिम्मेदारियों की सार्वजनिक स्वीकृति है।

वर्ष 2026 के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस के 11 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदकों के लिए चयनित किया गया था। इनमें एसएसपी शशि मोहन सिंह का नाम सराहनीय सेवा पदक के लिए शामिल रहा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिला यह सम्मान उनके दीर्घ सेवाकाल, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और पुलिस सेवा में उल्लेखनीय योगदान का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है।

तीन दशक से अधिक की सेवा,अनुभव की लंबी यात्रा

शशि मोहन सिंह ने वर्ष 1997 में राज्य पुलिस सेवा में चयन के साथ अपने पुलिस जीवन की शुरुआत की। मध्यप्रदेश के होशंगाबाद, इटारसी और भोपाल सहित विभिन्न क्षेत्रों में सेवा देने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के पश्चात उन्होंने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में महत्वपूर्ण दायित्व संभाले।

2012बेच के भारतीय पुलिस सेवा के  अधिकारी के रूप में उन्होंने मैदानी पुलिसिंग के साथ चुनौतीपूर्ण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी जिम्मेदारियां निभाईं। कानून-व्यवस्था बनाए रखना,अपराध नियंत्रण,आंतरिक सुरक्षा और आमजन के बीच पुलिस के प्रति विश्वास कायम करना—इन सभी मोर्चों पर उनका लंबा अनुभव उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली में दिखाई देता है।

पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं होती; वह समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भी भार अपने साथ लेकर चलती है। शशि मोहन सिंह की सेवा यात्रा इसी उत्तरदायित्व के निर्वहन की लंबी कहानी कही जा सकती है, जिसमें कठिन परिस्थितियों के बीच निर्णय लेने की क्षमता और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता प्रमुख रही है।

वर्दी के भीतर संवेदनशील रचनाकार

पुलिस सेवा के कठोर अनुशासन के बीच शशि मोहन सिंह के व्यक्तित्व का एक रचनात्मक पक्ष भी उल्लेखनीय रहा है। वे अभिनय,कविता और लेखन में रुचि रखने वाले रचनात्मक व्यक्तित्व के रूप में भी अपनी पहचान रखते हैं।

खाखी वर्दी के पीछे मौजूद संवेदनशील मनुष्य को अभिव्यक्ति देने वाली उनकी साहित्यिक और कलात्मक अभिरुचियां पुलिसिंग को केवल कानून और व्यवस्था तक सीमित नहीं रहने देतीं, बल्कि उसे समाज और संवेदना से जोड़ने का माध्यम भी बनाती हैं। यही कारण है कि उनके व्यक्तित्व में एक ओर पुलिस अधिकारी की दृढ़ता दिखाई देती है,तो दूसरी ओर साहित्य और कला की कोमल संवेदना भी।

रायगढ़ पुलिस परिवार के लिए गौरव

15 अगस्त 2026 का यह सम्मान रायगढ़ पुलिस के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है,क्योंकि जिले के नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी को राष्ट्रीय स्तर पर सेवा के लिए सम्मान मिलना पूरे पुलिस परिवार के मनोबल को नई ऊर्जा देता है।

राष्ट्रपति पुलिस पदक उस सेवा का सम्मान है, जो अक्सर सुर्खियों से दूर रहकर निभाई जाती है—कभी कानून-व्यवस्था के तनावपूर्ण क्षणों में, कभी अपराध के विरुद्ध संघर्ष में और कभी किसी आम नागरिक की सुरक्षा के लिए आधी रात को जागते हुए।

जब स्वतंत्रता दिवस के मंच पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों एसएसपी शशि मोहन सिंह के सीने पर यह पदक सुशोभित हुआ,तो वह दृश्य उनके व्यक्तिगत गौरव से आगे बढ़कर रायगढ़ पुलिस की सामूहिक उपलब्धि का प्रतीक बन गया।

उनके सम्मान पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों,सहकर्मियों,पुलिस परिवार और शुभचिंतकों ने बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

यह पदक एक उपलब्धि का अंत नहीं,बल्कि उस कर्तव्य-पथ की स्वीकृति है,जिस पर एक पुलिस अधिकारी वर्षों तक वर्दी की गरिमा, जिम्मेदारी और समाज के विश्वास को साथ लेकर चलता है।

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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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