
खरसिया। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक एवं लोकपर्व पोरा तिहार के पावन अवसर पर अखिल भारतीय अघरिया समाज,इकाई खरसिया के अध्यक्ष हेमन्त कुमार पटेल, संरक्षक सदस्य,पदाधिकारियों की ओर से समस्त देश, प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गई हैं।
समाज की ओर से जारी शुभकामना संदेश में कहा गया है कि माटी की खुशबू, किसान का परिश्रम तथा पशुधन के प्रति कृतज्ञता का भाव पोरा तिहार की विशिष्ट पहचान है। यह पर्व छत्तीसगढ़ की कृषि प्रधान जीवनशैली,ग्रामीण परंपराओं और लोक आस्था से गहरे रूप से जुड़ा हुआ है।
अखिल भारतीय अघरिया समाज ने कहा कि पोरा तिहार मात्र एक पर्व नहीं, बल्कि खेती-किसानी,गांव-गंवई जीवन,पशुधन के महत्व तथा पुरखों से प्राप्त समृद्ध लोकपरंपराओं के संरक्षण और संवर्धन का अवसर भी है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत में ऐसे लोकपर्वों का विशेष स्थान है, जो समाज को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
समाज ने कहा कि वर्तमान समय में अपनी लोकसंस्कृति और पारंपरिक विरासत को संरक्षित रखना सामूहिक दायित्व है। पोरा तिहार जैसे पर्व नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने तथा उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अखिल भारतीय अघरिया समाज, इकाई खरसिया के अध्यक्ष हेमन्त कुमार पटेल पदाधिकारियों ने कामना की कि पोरा तिहार की यह समृद्ध एवं सुंदर परंपरा निरंतर पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती रहे, प्रदेश में सुख-समृद्धि एवं खुशहाली का वातावरण कायम रहे तथा छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की मिठास और विशिष्ट पहचान सदैव अक्षुण्ण बनी रहे।
इस अवसर पर नरेन्द्र पटेल सचिव सह मीडिया प्रभारी अखिल भारतीय अघरिया समाज,इकाई खरसिया की ओर से देश और समस्त प्रदेशवासियों को पोरा तिहार की हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं दी गई हैं।




