
खरसिया। चपले (राबर्टसन)की पावन धरा पर 27 मई से 03 जून 2026 तक श्री हनुमंत कथा रसामृत का दिव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ प्रारंभ हुआ। कथा के शुभारंभ से पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें मातृशक्ति, श्रद्धालुजन, ग्रामवासी और क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कलश यात्रा के पश्चात कथा पंडाल में श्रीधाम अयोध्या से पधारीं साध्वी राधा किशोरी जी के श्रीमुख से श्री हनुमंत कथा रसामृत का रसास्वादन कराया जा रहा है।

अपने 15वें वर्ष में प्रवेश कर चुका यह आयोजन अब केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, संस्कृति, संस्कार और सामूहिक श्रद्धा का जीवंत प्रतीक बन चुका है।

साध्वी राधा किशोरी जी ने कथा के माध्यम से भगवान श्रीसीताराम के अनन्य भक्त श्री हनुमंत जी की भक्ति, सेवा, समर्पण और अदम्य शक्ति का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि हनुमंत जी का चरित्र मनुष्य को अहंकार से दूर रहकर कर्तव्य, निष्ठा, संयम और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
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चपले (राबर्टसन)कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जय सीताराम और जय हनुमान के उद्घोषों से चपले की पावन धरा गुंजायमान रही। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल, प्रसाद और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।

स्थानीय जनों के अनुसार, चपले ग्रामवासी, क्षेत्रवासी और श्रीवास परिवार द्वारा लगातार 15 वर्षों से आयोजित यह कथा नई पीढ़ी को धर्म, संस्कार और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन गई है।

कथा वाचन: साधवी राधा किशोरी जी कथा व्यास द्वारा सात दिनों तक बजरंगबली के जीवन के विभिन्न प्रसंगों जैसे- बाल लीला, लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु राम के प्रति उनकी अनन्य भक्ति का विस्तार से वर्णन किया जाता है।

भजन-कीर्तन: कथा के बीच-बीच में संगीतमय भजनों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बनाया जाता है।
हनुमंत कथा रसामृत में वैदिक अनुष्ठानों की गूंज
चपले की पावन धरा पर आयोजित श्री हनुमंत कथा रसामृत के दौरान वैदिक परंपराओं के अनुरूप पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न किए जा रहे हैं।
वैदिक परम्परा अनुसार आचार्य योगेंद्र दुबे, अश्विनी दुबे, गजानंद द्विवेदी, मुकेश द्विवेदी, रिपुसुदन मिश्रा एवं मनोज द्विवेदी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-पाठ, यज्ञीय कर्म और धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन किया जा रहा है।
मंत्रध्वनि और वैदिक स्तोत्रों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा है चपले राबर्टसन ग्राम। श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित होकर पूजा-अर्चना में सहभागिता निभा रहे हैं तथा भगवान श्री हनुमान जी के प्रति अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं।
आचार्यों के सान्निध्य में संपन्न हो रहे इन अनुष्ठानों से कथा आयोजन को आध्यात्मिक गरिमा प्राप्त हो रही है। श्रद्धालुओं का मानना है कि वैदिक विधानों के अनुरूप संपन्न होने वाले हनुमंत कथा अमृत समाज में धर्म, संस्कार और सद्भावना के मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं।

आरती और प्रसाद वितरण: प्रतिदिन कथा के अंत में आरती होती है और भक्तों को प्रसाद के रुप में श्रीराम-जानकी भवन में कथा के समापन के पश्चात विशाल भंडारे (सामूहिक भोज) का आयोजन भी किया जाता है, जहाँ कथा श्रवण करने वाले श्रद्धालु एक साथ प्रसाद ग्रहण करते हैं।
आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे श्री हनुमंत कथा रसामृत के इस भक्तिमय अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का पुण्य लाभ लें और अपने परिजनों व पड़ोसियों को भी साथ लेकर आएं।




