खरसिया। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर खरसिया वन परिक्षेत्र कार्यालय, मदनपुर में राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण की भावना से ओत-प्रोत गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। रेंजर लीला पटेल ने आन-बान और शान के प्रतीक तिरंगे का ध्वजारोहण किया। राष्ट्रगान के साथ वातावरण देशप्रेम की भावना से भर उठा।

ध्वजारोहण के उपरांत रेंजर लीला पटेल ने वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों एवं उपस्थित आमजनों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल राष्ट्रीय पर्व को उत्साह से मनाना नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करना भी है। यही जिम्मेदारी देशभक्ति को उत्सव से जीवन-मूल्य में बदलती है।

उन्होंने विशेष रूप से जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने कहा कि मनुष्य प्रकृति का स्वामी नहीं, बल्कि उसका अभिन्न हिस्सा है। पेड़-पौधे, वन्यजीव और जंगल केवल प्राकृतिक संपदा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के जीवन की अमूल्य धरोहर हैं। जंगल सुरक्षित रहेंगे तो जल, हवा और मिट्टी का संतुलन कायम रहेगा और मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा।

रेंजर पटेल ने आमजन से जंगलों की रक्षा में सहभागी बनने की अपील करते हुए कहा कि अवैध कटाई और वन संपदा के नुकसान को रोकना केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। समाज की जागरूकता और जनभागीदारी के बिना संरक्षण का संकल्प अधूरा रहेगा। उन्होंने बेजुबान जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता रखने तथा वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में विभाग का सहयोग करने का आह्वान किया।

स्वतंत्रता दिवस का यह आयोजन राष्ट्रप्रेम के साथ प्रकृति के प्रति कर्तव्यबोध का संदेश भी दे गया। मदनपुर स्थित वन परिक्षेत्र कार्यालय में लहराता तिरंगा मानो यह स्मरण कराता रहा कि देश की स्वतंत्रता तभी सार्थक है, जब उसकी धरती, उसके जंगल और उसकी जैव-विविधता भी सुरक्षित रहें।

समारोह में उपस्थित लोगों ने राष्ट्रहित, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।




