
तिरंगा किसी दल,संगठन या वर्ग की पहचान नहीं,बल्कि पूरे राष्ट्र की साझा अस्मिता का प्रतीक है…
खरसिया। स्वतंत्रता दिवस के पूर्व खरसिया नगर में राष्ट्रभक्ति और देश प्रेम की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 13 अगस्त 2026 को तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जाएगा। नगर पालिका परिषद खरसिया द्वारा जारी आमंत्रण पत्र के अनुसार यात्रा में नगर के जनप्रतिनिधियों, अध्यक्ष,उपाध्यक्ष, पार्षदों,एल्डरमैन एवं गणमान्य नागरिकों की सहभागिता का आह्वान किया गया है।
नगर पालिका परिषद खरसिया के मुख्य नगर पालिका अधिकारी की ओर से जारी पत्र के मुताबिक तिरंगा यात्रा का शुभारंभ दोपहर 02 बजे वार्ड क्रमांक 15 स्थित नवीन कन्या शाला प्रांगण, अग्रसेन चौक से होगा। यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए वार्ड क्रमांक 11 स्थित टाउन हॉल मैदान पहुंचेगी,जहां इसका समापन किया जाएगा।
तिरंगे के साथ एकजुटता का संदेश
तिरंगा यात्रा महज एक औपचारिक आयोजन नहीं,बल्कि राष्ट्रीय एकता, अखंडता और नागरिक सहभागिता का सार्वजनिक संदेश देने का अवसर है। स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित होने वाली ऐसी यात्राएं नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों और राष्ट्रध्वज के सम्मान से जोड़ने का माध्यम भी बन सकती हैं।
खरसिया जैसे औद्योगिक एवं ग्रामीण अंचल से जुड़े नगर में विभिन्न वर्गों की भागीदारी इस आयोजन को व्यापक सामाजिक स्वरूप दे सकती है। जनप्रतिनिधियों के साथ आम नागरिकों, युवाओं,महिलाओं और विद्यार्थियों की सहभागिता यात्रा के उद्देश्य को और मजबूत करेगी। आयोजन से आगे बढ़े तिरंगे का संदेश
तिरंगा किसी दल, संगठन या वर्ग की पहचान नहीं,बल्कि पूरे राष्ट्र की साझा अस्मिता का प्रतीक है। इसलिए तिरंगा यात्रा की सफलता केवल भीड़ की संख्या से नहीं,बल्कि अनुशासन, गरिमा और राष्ट्रीय भावना के प्रदर्शन से तय होनी चाहिए।
नगरपालिका द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित करना सकारात्मक पहल है। अब आवश्यकता इस बात की है कि आयोजन राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर नागरिक उत्सव का रूप ले। तिरंगे के सम्मान के साथ स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, संविधान के मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों की चर्चा भी इस यात्रा का हिस्सा बने तो आयोजन का संदेश अधिक सार्थक होगा।

(उपरोक्त आमंत्रण पत्र के सत्यता को हमारी टीम प्रमाणित नहीं करता…)
सोशल मिडिया में वायरल हो रहा आमंत्रण पत्र में कलमकारों के लिए …
13 अगस्त की यह यात्रा खरसिया के लिए सामूहिक राष्ट्रभावना प्रदर्शित करने का अवसर है। तिरंगा हाथ में हो और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी मन में—तभी तिरंगा यात्रा का उद्देश्य वास्तविक अर्थों में पूरा होगा।



