आकाशीय बिजली का कहर: एक झटके में 40 मवेशियों की मौत, खानाबदोश पशुपालकों पर टूटा संकट
धमतरी। छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के साथ जहां किसानों और आम लोगों को राहत मिली है, वहीं मौसम की मार ने एक पशुपालक परिवार की जिंदगी में गहरा दर्द भर दिया है। धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड अंतर्गत ग्राम डूमरपाली में आकाशीय बिजली गिरने से 39 भेड़ों और एक बकरी की मौत हो गई। इस हादसे ने राजस्थान से आए खानाबदोश पशुपालकों की वर्षों की मेहनत और आजीविका को पलभर में छीन लिया।
अचानक बदला मौसम, बन गई त्रासदी
बुधवार को क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज बारिश और गरज-चमक के बीच डूमरपाली के समीप डेरा डाले पशुपालकों ने अपने पशुओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक स्थान पर एकत्र कर दिया। लेकिन प्रकृति का प्रहार इतना भीषण होगा, इसका किसी को अंदेशा नहीं था।
गरजती बिजली के बीच अचानक आकाशीय बिजली पशुओं के झुंड पर गिरी। तेज धमाके के साथ हुई इस घटना में 39 भेड़ों और एक बकरी की मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल का दृश्य देखकर पशुपालक परिवारों का दर्द छलक पड़ा।
आजीविका पर पड़ा सीधा असर
खानाबदोश पशुपालकों के लिए भेड़-बकरियां केवल पशुधन नहीं, बल्कि उनकी आय और जीवन-यापन का मुख्य आधार होती हैं। एक साथ 40 पशुओं की मौत से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। प्रभावित परिवारों के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
गांव में पसरा मातम
घटना के बाद आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। पशुओं के शव बिखरे पड़े थे और पशुपालक परिवार सदमे में नजर आए। हादसे की सूचना प्रशासन को दी गई, जिसके बाद राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारियों द्वारा नुकसान का आकलन किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
बढ़ रहा आकाशीय बिजली का खतरा
मानसून के शुरुआती दौर में प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली की घटनाएं सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने भी लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।
प्रशासनिक सहायता और मुआवजे की उम्मीद में पशुपालक परिवार अब सरकारी मदद की राह देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम के दौर में पशुपालकों और किसानों के लिए आकाशीय बिजली से बचाव संबंधी जागरूकता और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि मानसून जहां जीवनदायी है, वहीं उसकी अनियंत्रित प्राकृतिक शक्तियां कई बार लोगों की वर्षों की मेहनत को कुछ क्षणों में तबाह कर देती हैं।




