प्रतिबंध लगते ही ‘तस्करी’ शुरू: अंबिकापुर और रायपुर में पकड़ाया एनालॉग पनीर…

दूध पावडर और पाम ऑयल से बनाए जाने वाले एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगते ही तस्करी का खेल शुरू हो गया है।
रायपुर। दूध पावडर और पाम ऑयल से बनाए जाने वाले एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगते ही तस्करी का खेल शुरू हो गया है। प्रतिबंध के रायपुर से अंबिकापुर गई बस में मिले डेढ़ क्विंटल एनालॉग के बाद सोमवार को राजधानी के रेलवे स्टेशन के समीप सौ किलो एनालॉग बरामद किया गया है। एनालॉग ट्रेन के माध्यम से अंबिकापुर भेजने किसी आशीष जायसवाल ने बुक कराया था। एफडीए की टीम ने सैंपल लेकर उसे जांच के लिए भेजा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शासन ने एनालॉग पनीर और दुग्ध के असली उत्पाद होने का भ्रम पैदा करने वाले कई उत्पादनों के निर्माण और विक्रय को प्रतिबंधित किया है। इस आदेश के बाद सस्ते दाम में तैयार होने और मात्र दो सौ रुपए किलो में बिकने वाले इस एनालॉग को दूध का पनीर बताकर 500 से 600 रुपए किलो तक खपाया जाता था। शासन के आदेश के बाद फायदे के इस धंधे में चोरी-छिपे बिक्री की आशंका काफी बढ़ गई है। रविवार को भाठागांव बस स्टैण्ड से अंबिकापुर पहुंची बस से डेढ़ क्विंटल एनालॉग पनीर जब्त किया गया। बुकिंग करने और कराने वाले के बारे में विभागीय स्तर पर कोई सुराग नहीं लग पाया है।
रेलवे स्टेशन पर पकड़ाया सौ किलो नकली पनीर
वहीं सोमवार को खाद्य एवं औषधि विभाग के फूड सेफ्टी ऑफिसरों की टीम ने रेलवे स्टेशन के समीप सौ किलो एनालॉग पकड़ा है। इस नकली पनीर को ट्रेन के माध्यम से अंबिकापुर भेजने की तैयारी थी। जांच टीम ने पनीर का डिब्बा लोड करने वाले गोलू नामक युवक से पूछताछ की तो पता चला कि किसी आशीष जायसवाल ने उसकी बुकिंग कराई थी। मामले में कार्रवाई अभिहित अधिकारी विनोद गुप्ता, खाद्य सुक्षा अधिकारी सतीश राज, संतोष ध्रुव एवं कंचन ने मिलकर की है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बस संचालकों को जारी किया चेतावनी नोटिस
इधर, पनीर के परिवहन का मुख्य साधन बस को मानते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से तमाम बस संचालकों और ट्रैवल्स एसोसिएशन को चेतावनी नोटिस जारी किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि एनालॉग के प्रतिषेध आदेश का पालन करते हुए इसका वितरण और परिवहन नहीं करें। ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित बस संचालक पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस भी बनेगी मददगार
इस बात की आशंका से इंकार नहीं किया जा रहा है कि असली बताकर दो से तीन गुना दाम में इस पनीर को होटलों और अन्य स्थानों में खपाया जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन आने वाले दिनों में इसके नियंत्रण के लिए पुलिस विभाग की मदद भी लेगा। इसके लिए जिला स्तर पर पुलिस से समन्वय की मांग की जाएगी। इधर रायपुर जिले के अभिहित अधिकारी विनोद गुप्ता ने आरपीएफ और जीआरपी को प्रतिबंध के आदेश की कापी देकर जांच में सहयोग करने की अपील की है।
दूसरे राज्यों से आने की आशंका
छत्तीसगढ़ में एनालॉग को प्रतिबंधित किया गया है, मगर अन्य राज्यों में इसका उपयोग किया जाता है। इस बात की आशंका बनी हुई है कि त्योहार में मावा की तरह अन्य दिनों में एनालॉग पनीर का अवैध परिवहन बढ़ जाएगा। इसे देखते हुए बस स्टैण्ड के साथ रेलवे स्टेशनों पर भी इसकी निगरानी की आवश्यकता होगी। दूसरे राज्यों से लाने के बाद इसे असली बताकर खपाने की आशंका भी बढ़ी है।




