खरसिया:माँ की स्मृति में 1100 पौधारोपण का संकल्प, खरसिया में हरित जनजागरण अभियान का शुभारंभ

खरसिया। पर्यावरण संरक्षण और मातृ-सम्मान को समर्पित एक अनूठी पहल के तहत एमआर परिवार द्वारा “माँ के नाम” 1100 पौधों के वृहद पौधारोपण अभियान का शुभारंभ नवीन प्राथमिक शाला, खरसिया में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ खरसिया परिक्षेत्र की परिक्षेत्राधिकारी श्रीमती लीला पटेल के मुख्य आतिथ्य में हुआ।
एमआर परिवार ने अपनी स्वर्गीय माता मणि देवी की स्मृति में 1100 पौधे लगाने का संकल्प लिया है। इसी अभियान के अंतर्गत नगर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक संगोष्ठी एवं प्रेरक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षक,विद्यार्थियों,सामाजिक संगठनों तथा नगर के गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।
कार्यक्रम में ऋषि अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की। वरिष्ठ वक्ता एन. पी. पांडे ने पर्यावरण संरक्षण के लिए हरित क्रांति की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि श्रीमती लीला पटेल ने बीज से वृक्ष बनने की प्रक्रिया और प्रकृति संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि “जहाँ हरियाली होती है, वहीं पर्यावरण सुरक्षित और जीवन समृद्ध होता है।” उन्होंने प्रत्येक नागरिक से पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लेने की अपील की।
विद्यालय की प्राचार्य गीता मैडम ने घर-आँगन में बागवानी और पौधों की उपयोगिता पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में एमआर परिवार के वरिष्ठ सदस्य सुरेश अग्रवाल ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया,जबकि संचालन राकेश गायत्री ने किया।
इस अवसर पर स्कूल संचालन समिति अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद गर्ग, प्राथमिक शाला संचालन समिति अध्यक्ष संजय गुप्ता, भारत विकास मंच के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल,पत्रकार संजय गुप्ता, लायंस क्लब खरसिया सिटी के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, रामनारायण सोनी, अनिल अग्रवाल, ओमप्रकाश गोयल, सरिता देवी, श्वेता अग्रवाल, कुजूर मैडम सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएँ, छात्र-छात्राएँ एवं नगर के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

“माँ के नाम” पौधारोपण अभियान केवल वृक्ष लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मातृ-सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता का प्रेरक संदेश भी देता है। ऐसे जनभागीदारी आधारित अभियान भविष्य में हरित खरसिया के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



