रायगढ़:आसमान से बरस सकता है आफत का बारिश: छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील, प्रशासन और नागरिक रहें सतर्क

रायगढ़। छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर तीखे तेवर दिखाने के संकेत दिए हैं। अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। आपदा प्रबंधन प्रणाली JG-NDMAEW-G की ओर से जारी चेतावनी ने संभावित जलभराव, नदी-नालों के उफान और जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता रेखांकित की है।

चेतावनी के दायरे में बस्तर, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, कांकेर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोंडागांव, कोरबा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, मुंगेली, नारायणपुर, रायगढ़ और सक्ती जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने तथा यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

मानसून की बारिश खेतों के लिए जीवनदायिनी होती है, लेकिन जब यही वर्षा सामान्य सीमा से आगे बढ़ती है तो वह आपदा प्रबंधन टीम के साथ प्रशासन के लिए परीक्षा का समय भी बन जाती है। ऐसे मौसम में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन की चेतावनी केवल औपचारिक सूचना नहीं, बल्कि जीवन और सुरक्षा से जुड़ी गंभीर सलाह है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग अनावश्यक यात्रा से बचें,उफनते नालों और पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें, बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और पशुपालकों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

बारिश प्रकृति का वरदान है,लेकिन विपरीत परिस्थितियों में यही वरदान चुनौती बन सकता है। ऐसे समय में सतर्कता,संयम और समय पर लिया गया निर्णय ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लें और स्वयं के साथ अपने परिवार तथा आस-पास के लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।




