दिन में दिखेंगे तारे ,सूर्य हो जाएगा गायब,50 दिन बाद आकाश में होगा तमाशा…

12 अगस्त, 2026 को आसमान में एक ऐसी दुर्लभ घटना घटने वाली है,जो पूरी दुनिया को थोड़ी देर के लिए दिन में ही रात के दर्शन करा देगी. इस नजारे को देखने वाले पहली बार देखेंगे कि कैसे एक छाया पूरी धरती को अंधेरे में डुबो सकती है. खैर ये छाया भी कोई छोटी-मोटी चीज की नहीं, बल्कि उसी चंद्रमा की होगी, जो हमें रात में उजाला देता है. यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और एशिया के कई हिस्सों में लोग इस खगोलीय तमाशे का इंतजार कर रहे हैं. इस दिन चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरकर सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा, जिससे दिन में भी रात हो जाएगी.
क्यों खास है यह ग्रहण?
यह ग्रहण इसलिए चर्चा में है क्योंकि पिछले कई दशकों में यूरोप में इतना लंबा और आसानी से देखा जा सकने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं हुआ है. कई देशों के लिए यह पीढ़ियों बाद आने वाला मौका है. वैज्ञानिकों के लिए यह बड़ा अवसर है. पूर्ण ग्रहण के समय सूर्य का चमकदार हिस्सा पूरी तरह छिप जाता है, जिससे उसका बाहरी हिस्सा साफ दिखाई देता है. सामान्य दिनों में इसका अध्ययन नहीं हो पाता. इस दौरान सूर्य की ज्वालाएं, तापमान में अचानक बदलाव और दिन में तारे दिखने जैसी घटनाएं भी देखी जा सकती हैं.
कहां दिखेगा पूर्ण ग्रहण?
पूर्ण सूर्य ग्रहण का मुख्य मार्ग ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, रूस और मध्य एशिया के कुछ इलाकों से होकर गुजरेगा. इन जगहों पर खड़े लोग कुछ मिनटों के लिए पूरा सूर्य गायब होते देखेंगे. चारों तरफ अंधेरा छा जाएगा, तारे दिखने लगेंगे और सूर्य के चारों ओर उसका खूबसूरत आभामंडल नजर आएगा. इस मार्ग से बाहर यूरोप, अफ्रीका और एशिया के बड़े हिस्से में आंशिक सूर्य ग्रहण दिखेगा, यानि सूर्य का कुछ हिस्सा ही चंद्रमा से ढका नजर आएगा. स्पेन इस बार वो जगह बनने वाला है, जिसके कई शहर ठीक पूर्ण ग्रहण के रास्ते में हैं. दुनिया भर से हजारों पर्यटक और खगोल प्रेमी वहां पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं.
भारत में दिखेगा सूर्यग्रहण?
भारत पूर्ण ग्रहण के मुख्य रास्ते में नहीं है, इसलिए यहां पूर्ण अंधेरा नहीं छाएगा. हां, देश के कुछ उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण जरूर दिखाई देगा. खासकर सूर्यास्त के समय यह ग्रहण दिखेगा, जब सूर्य का एक हिस्सा चंद्रमा से ढका नजर आएगा. घर की छत, खुली जगह या किसी सुरक्षित स्थान से इस घटना को देखा जा सकेगा.
क्यों लगता है सूर्यग्रहण?
- जैसे-जैसे चंद्रमा सूर्य की ओर बढ़ता है, रोशनी धीरे-धीरे कम होने लगती है. पूर्ण ग्रहण के समय सूर्य का चमकता हुआ गोला पूरी तरह गायब हो जाती है. चारों तरफ अजीब सा सन्नाटा और ठंडक छा जाती है.
- कुछ मिनट बाद चंद्रमा आगे बढ़ता है और रोशनी तेजी से लौट आती है. सुरक्षा का ग्रहण देखते समय बहुत जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए.
- आंशिक ग्रहण के दौरान कभी भी बिना सुरक्षा के नंगी आंखों से सूर्य को न देखें. इससे आंखों को स्थायी नुकसान हो सकता है. सूर्यग्रहण देखने के लिए विशेष रूप से बने सोलर एक्लिप्स ग्लासेस या सोलर फिल्टर का इस्तेमाल जरूर करें.
- पूर्ण सूर्य ग्रहण हर जगह और हर समय नहीं दिखता. यही वजह है कि लोग दूर-दूर जाकर भी इसे देखते हैं. 12 अगस्त 2026 का दिन प्रकृति का एक शानदार नजारा पेश करेगा, जो जीवन भर याद रहेगा.




