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दूरसंचार विभाग ने बिजली केवाईसी अपडेट घोटाले के विरुद्ध कार्यवाही की…

दूरसंचार विभाग ने पूरे भारत में साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी में दुरुपयोग किए गए आईएमईआई आधारित 392 मोबाइल हैंडसेट को ब्लॉक करने का निर्देश दिया

इन मोबाइल हैंडसेट से जुड़े 31,740 मोबाइल कनेक्शन का पुनः सत्यापन किया जाएगा

दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने बिजली केवाईसी अपडेट घोटाले में मोबाइल नंबरों से जुड़ी धोखाधड़ी गतिविधियों की रिपोर्टों के जवाब में नागरिकों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई शुरू की है।

प्रमुख विवरण यहां दिया गया है

सतर्क और सचेत नागरिक दूरसंचार विभाग के संचार साथी पोर्टल पर ‘चक्षु-संदिग्ध धोखाधड़ी संचार की रिपोर्ट करें’ सुविधा के माध्यम से संदिग्ध धोखाधड़ी संचार की रिपोर्टिंग में सक्रिय रहे हैं। इससे दूरसंचार विभाग को साइबर अपराधों और वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने और उन्हें रोकने में सहायता मिलती है।

नागरिकों ने धोखाधड़ी करने वालों द्वारा बिजली केवाईसी अपडेट से संबंधित एसएमएस और व्हाट्सएप संदेशों व दुर्भावनापूर्ण एपीके फाइलों का उपयोग करके पीड़ितों के उपकरणों में हेरफेर करने और उन पर नियंत्रण पाने के कुछ मामलों की सूचना दी।

दूरसंचार विभाग ने धोखाधड़ी गतिविधियों की रिपोर्टिंग और विश्लेषण के लिए चक्षु पोर्टल का उपयोग किया, जिसमें शुरू में पांच संदिग्ध नंबरों की पहचान की गई। पोर्टल के आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई)-संचालित विश्लेषण से पता चला कि 31,740 मोबाइल नंबरों से जुड़े 392 हैंडसेट ऐसी धोखाधड़ी की गतिविधियों में सम्मिलित है।

दूरसंचार विभाग ने सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) को साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए 392 मोबाइल हैंडसेट को पूरे भारत में आईएमईआई आधारित ब्लॉक करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, उसने उन्हें इन मोबाइल हैंडसेट से जुड़े 31,740 मोबाइल कनेक्शनों का पुनः सत्यापन करने का भी निर्देश दिया है। पुनः सत्यापन में विफलता के परिणामस्वरूप सूचित किए गए नंबरों का तत्काल कनेक्शन काट दिया जाएगा और संबंधित हैंडसेट को ब्लॉक कर दिया जाएगा।

यह पहल दूरसंचार नेटवर्क की सुरक्षा बढ़ाने और नागरिकों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने की दिशा में दूरसंचार विभाग की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

संचार साथी पोर्टल पर चक्षु सुविधा के बारे में

चक्षु डॉट के संचार साथी पोर्टल (www.Sancharsaathi.gov.in) पर पहले से उपलब्ध नागरिक केंद्रित सुविधाओं में नवीनतम पहल है। ‘चक्षु’ नागरिकों को कॉल, एसएमएस या व्हाट्सएप पर प्राप्त संदिग्ध धोखाधड़ी वाले संचार की सूचना दर्ज करने की सुविधा देता है, जिसमें गलत इरादे से केवाईसी समाप्ति या बैंक खाते/पेमेंट वॉलेट/सिम/गैस, कनेक्शन/बिजली कनेक्शन का अपडेट, सेक्सटॉर्शन, पैसे भेजने के लिए सरकारी अधिकारी/रिश्तेदार के रूप में प्रतिरूपण (गलत पहचान बताना), डॉट द्वारा सभी मोबाइल नंबरों को काटना जैसी सूचनाएं शामिल हैं।

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Gopal Krishna Naik

Editor in Chief Naik News Agency Group

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