हाथी के सामने थमा डीजल टैंकर, चालक-परिचालक ने जंगल में भागकर बचाई जान

कोरबा। कटघोरा वन मंडल क्षेत्र में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क पार कर रहे एक दंतेल हाथी ने डीजल टैंकर का रास्ता रोक दिया। हार्न की आवाज सुनते ही हाथी अचानक टैंकर की ओर दौड़ पड़ा। कुछ ही सेकंड में सड़क पर मौजूद चालक और परिचालक की जान पर बन आई।
हाथी को अपनी ओर बढ़ता देख चालक ने टैंकर को पीछे लेने का प्रयास किया, लेकिन वाहन का पहिया सड़क किनारे गड्ढे में जा फंसा। वाहन के फंसते ही हालात और गंभीर हो गए। सामने गुस्साया हाथी और पीछे फंसा भारी वाहन—ऐसे में चालक और परिचालक ने किसी तरह टैंकर से छलांग लगाई और जंगल की ओर भागकर अपनी जान बचाई।
इस दौरान दंतेल हाथी काफी देर तक सड़क के आसपास मंडराता रहा। हाथी की मौजूदगी के चलते नेशनल हाईवे पर करीब आधे घंटे तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और देखते ही देखते जाम की स्थिति बन गई। सड़क पर खड़े वाहन चालकों और यात्रियों में भी दहशत फैल गई।
बताया जा रहा है कि इन दिनों क्षेत्र में करीब 10 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। बावजूद इसके, वन क्षेत्र से गुजरने वाले मार्गों पर एक छोटी-सी लापरवाही भी वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई। इसके बाद मार्ग पर स्थिति को संभालने और यातायात को नियंत्रित करने की कवायद की गई।
हार्न बना खतरे की घंटी

वन्यजीव विशेषज्ञों और वन विभाग की लगातार अपील के बावजूद हाथियों के सामने हार्न बजाना या उन्हें रास्ते से हटाने की कोशिश करना बेहद खतरनाक हो सकता है। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि हाथियों की सक्रिय मौजूदगी वाले मार्गों पर वाहन चालकों को समय रहते कितनी प्रभावी चेतावनी और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।
वन विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर गति नियंत्रित रखें, हार्न न बजाएं, हाथियों के बेहद करीब न जाएं और उन्हें छेड़ने अथवा रास्ते से हटाने का प्रयास बिल्कुल न करें।
जंगल का रास्ता इंसान के लिए सड़क हो सकता है,लेकिन हाथियों के लिए वही उनका प्राकृतिक गलियारा है। ऐसे में थोड़ी-सी जल्दबाजी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।



