रायगढ़। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना जताई है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली के प्रभाव से प्रदेश के मध्य और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बारिश की तीव्रता बढ़ने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, कई स्थानों पर लगातार तेज बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चल सकती हैं। निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों के उफान पर आने तथा ग्रामीण संपर्क मार्गों के बाधित होने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
प्रशासन ने जारी की सतर्कता
संभावित भारी वर्षा को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, नदी-नालों के जलस्तर पर नजर रखने तथा आवश्यक होने पर राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय करने की तैयारी की जा रही है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की गई है।
किसानों के लिए राहत, लेकिन बढ़ेगी चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश खरीफ फसलों, विशेषकर धान की खेती के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। हालांकि, लगातार और अत्यधिक वर्षा होने पर खेतों में जलभराव, फसलों को नुकसान तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी।
नागरिकों के लिए सलाह
- उफनते नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें।
- बिजली गिरने की संभावना के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।
- प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
मौसम विभाग के अनुसार,यदि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव प्रणाली और मजबूत होती है, तो आने वाले 48 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।




